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नहीं लीक हुआ सीपीएमटी का पेपर, शुरूआती जांच में खुलासा

Mon, 23 Jun 2014 11:53 PM IST
अरीश रिजवी/अमर उजाला, गाजियाबाद
अरीश रिजवी/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Mon, 23 Jun 2014 11:53 PM IST
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Seepimti not been leaked to the paper, the initial investigation revealed

एसटीएफ और डीएम के जांच दल ने शुरुआती पड़ताल में बैंकों और केजीएमयू को पेपर लीक होने के मामले में तो एक तरह से ‘क्लीन चिट’ दे दी है, लेकिन अभी भी कई बिंदु हैं, जिनकी जांच की जाएगी। जांच दल का मानना है कि ये पूरी ‘गड़बड़’ ट्रांसपोर्टेशन के दौरान हुई है।

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बक्से दो कूरियर कंपनियों के जरिए हैदराबाद और गुजरात के नबाटा से गाजियाबाद आए। इस दौरान कई जगह उन्हें वाहनों से उतारा और चढ़ाया गया। या तो इस दौरान बक्से गिरने की वजह से क्षतिग्रस्त हुए।
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या फिर ट्रांसपोर्टेशन के दौरान ही किसी ने बक्से खोलने की कोशिश की, मगर पूरी तरह से सफल नहीं हो सका। एसटीएफ और जांच दल अब ये जांच करेगा कि ट्रांसपोर्टेशन के दौरान कहां बक्से की सील टूटी।
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दरअसल, एसबीआई शाखा में रखे पेपर बाक्स नंबर 90 के एक ताले की सील टूटी हुई थी। इसके अलावा इलाहाबाद बैंक की शाखा में रखे बाक्स नंबर 149 में छेद बना हुआ था।

ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने बक्सों को खोलने की कोशिश की हो। बता दें कि एसबीआई में 21 और इलाहाबाद बैंक में 34 पेपर बॉक्स रखे थे।

लापरवाही क्यों बरती गई, जांच होगी: एसएसपी
एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पेपरों के बंडल सुरक्षित पाए गए हैं। लेकिन सीपीएमटी पेपर मामले में लापरवाही सामने आई थी, जिसकी जांच कराई जा रही है। कप्तान ने कुछ लापरवाहियां गिनाईं हैं, जो यूं हैं-
लापरवाही 1- सीपीएमटी के पेपर ट्रेजरी में रखे जाते हैं, लेकिन इन्हें बैंक में रखा गया।
लापरवाही 2- बैंक में पेपर स्ट्रांग रूम में रखे जाने थे, मगर लॉकर रूम में रखे गए।
लापरवाही 3- परीक्षा के बारे में एक दिन पहले ही प्रशासन को सूचना दी गई।
लापरवाही 4- कूरियर से एग्जाम पेपर आए, जबकि केजीएमयू अपने स्तर से भिजवाता।
लापरवाही 5- बैंकवालों ने पेपर लाने वालों का फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं कराया।

इलाहाबाद बैंक और एसबीआई में छह घंटे चली पड़ताल
सीपीएमटी पेपर लीक होने की जांच के लिए बनीं दोनों टीमों ने इलाहाबाद बैंक और एसबीआई में करीब छह घंटे तक पड़ताल की। सोमवार सुबह करीब 11 बजे एसटीएफ टीम और डीएम का जांच दल पहले एसबीआई शाखा पहुंचा। वहां दो घंटे तक पड़ताल हुई। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे दोनों टीमें इलाहाबाद बैंक पहुंची।

वहां चार घंटे जांच चली। दोनों जगह बक्से खोले गए। एक-एक पेपर गिना गया। गिनती पूरी पाए जाने पर बक्सों और पेपरों की फोरेंसिक टीम ने ‘टेंपरिंग’ की जांच की। पूरी पड़ताल की बैंक और एसटीएफ की तरफ से वीडियोग्राफी भी कराई गई।

एसटीएफ की जांच टीम में एसएसपी अमित पाठक और नोएडा प्रभारी एएसपी अजय सहदेव थे। डीएम की गठित टीम में एसपी सिटी शिव हरि मीणा, एडीएम (ई) चुनकू राम पटेल, केजीएमयू के दो नोडल अधिकारी और एक बैंक मैनेजर थे। इनके अलावा सीओ प्रथम, क्राइम ब्रांच टीम, कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम ने भी जांच में सहयोग किया।

ये है मामला
पेपर लीक होने की आशंका के चलते रविवार को उत्तर प्रदेश संयुक्त प्री-मेडिकल परीक्षा (सीपीएमटी)-2014 रद कर दी गई थी। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने परीक्षा 20 जुलाई को कराने का प्रस्ताव दिया था।

परीक्षा के नोडल अफसर ने अज्ञात लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में दो एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें षड्यंत्र कर परीक्षा के सरकारी दस्तावेजों को क्षति पहुंचाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। गाजियाबाद में 15 केंद्रों में परीक्षा होनी थी, जिनमें करीब आठ हजार परीक्षार्थी बैठने थे।


प्रदेश में 213 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें 109292 परीक्षार्थी बैठने थे। रविवार को जब केजीएमयू के आब्जर्वर और नोडल अधिकारी पेपर लेने नवयुग मार्केट स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और इलाहाबाद बैंक में पहुंचे तो वहां दो बॉक्स क्षतिग्रस्त मिले थे। उन्होंने इस बाबत डीएम को अवगत कराया था। डीएम ने पेपर लीक होने की आशंका के चलते शासन को रिपोर्ट भेजी थी।

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