तिहाड़ में खूनी खेल: टिल्लू का ओवर कॉन्फिडेंस उसे ले डूबा, गोगी के मर्डर के बाद खुद को मानता था दिल्ली का डॉन
टिल्लू रोहिणी जेल में था। रोहिणी जेल में गोगी गिरोह के बदमाशों की संख्या 40 से ज्यादा हो गई थी। ऐसे में तिहाड़ प्रशासन को लगा कि रोहिणी जेल में टिल्लू की जान को खतरा है।
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गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की जान के खतरे को देखते हुए कुछ दिन पहले ही तिहाड़ जेल लाया गया था, लेकिन यहीं उसकी हत्या कर दी गई। तिहाड़ प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि टिल्लू का अति आत्मविश्वास भारी पड़ गया। जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद वह खुद को दिल्ली का डॉन बताने लगा था। वह कहता था कि कोई उसका कुछ नहीं कर सकता।
सूत्रों का कहना है कि रोहिणी कोर्ट में जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद बाद ही टिल्लू पर हमले व जान को खतरा होने के इनपुट मिलने लगे थे। टिल्लू रोहिणी जेल में था। रोहिणी जेल में गोगी गिरोह के बदमाशों की संख्या 40 से ज्यादा हो गई थी।
ऐसे में तिहाड़ प्रशासन को लगा कि रोहिणी जेल में टिल्लू की जान को खतरा है। इसे देखते हुए टिल्लू को कुछ दिन पहले ही तिहाड़ लाया गया था। तिहाड़ समेत दिल्ली की सभी जेलों में गोगी गिरोह के बदमाशों की संख्या काफी बढ़ गई है। इस समय गोगी गिरोह के सबसे कम 20 बदमाश तिहाड़ में थे। इस कारण उसे तिहाड़ लाया गया था।
वीडियो कॉफ्रेंसिंग से हो रही थी पेशी
टिल्लू पर हमले को देखते हुए उसे पिछले वर्ष से ही कोर्ट में पेश नहीं किया जा रहा था। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए उसकी कोर्ट में पेशी कराई जा रही थी। हालांकि, मेडिकल जांच के लिए गुप्त तरीके से अस्पताल ले जाया जाता था। अब तिहाड़ प्रशासन लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान करने में जुटी है। इसे लेकर तिहाड़ प्रशासन में देर शाम बैठक भी हुई।