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मेट्रो का दूसरा सबसे लंबा कॉरिडोर होगा द्वारका सेक्टर-21 से इलेक्ट्रॉनिक सिटी, जानिए ये खास बातें
Thu, 07 Mar 2019 06:08 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 07 Mar 2019 06:08 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : राजन राय
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द्वारका सेक्टर-21 और इलेक्ट्रॉनिक सिटी कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो का दूसरा सबसे लंबा (56.46 किलोमीटर) कॉरिडोर होगा। सबसे लंबा कॉरिडोर मजलिस पार्क-शिव विहार कॉरिडोर है, जो 59 किलोमीटर लंबा है। ब्लू लाइन विस्तार के खुलते ही दिल्ली मेट्रो का कुल नेटवर्क 250 स्टेशनों के साथ 343 किलोमीटर हो जाएगा।
नोएडा का सबसे ऊंचा स्टेशन होगा इलेक्ट्रॉनिक सिटी
ब्लू लाइन पर बना इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्टेशन नोएडा का सबसे ऊंचा मेट्रो स्टेशन है। इसकी ऊंचाई 21 मीटर है। स्टेशन के पास स्थित वायाडक्ट एनएच-24 के ऊपर से गुजरता है, जहां भविष्य में फ्लाईओवर निर्माण का भी प्रावधान है। इसी फ्लाईओवर को ध्यान में रखते हुए स्टेशन की ऊंचाई इतनी बढ़ाई गई। यहां से भविष्य में मेट्रो की कनेक्टिविटी भी होनी है, जो गाजियाबाद की ओर जाएगी। वहीं इस स्टेशन पर एक अतिरिक्त ट्रैक भी है, जो दिल्ली मेट्रो के निर्माणाधीन नोएडा सेक्टर-63 डिपो से सीधे जुड़ेगा।
दो स्टेशनों पर होगी पार्किंग की व्यवस्था
इस कॉरिडोर पर छह स्टेशन होंगे, जिनमें दो स्टेशनों पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। यह स्टेशन सेक्टर-52 और नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्टेशन होगा। इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन पर 10 टिकट वेंडिंग मशीनें भी लगाई गई है। वहीं दो टिकट काउंटर अलग से हैं। वेंडिंग मशीन लगाने का मकसद टिकट काउंटर की संख्या घटाना है।
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5.26 मिनट की होगी फ्रिक्वेंसी
इलेक्ट्रॉनिक सिटी-नोएडा सिटी सेंटर कॉरिडोर पर मेट्रो की फ्रीक्वेंसी पीक आवर में 5.26 मिनट की होगी। वहीं, पूरे कॉरिडोर की यात्रा में 12.23 मिनट का समय लगेगा। हालांकि, माना यह जा रहा है कि अभी सिटी सेंटर तक आने वाली सभी ट्रेनें इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक नहीं आएंगी। अगर भविष्य में ऐसा होता है तो फ्रीक्वेंसी और बढ़ जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल के तहत अभी से ही इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक मेट्रो के जाने की घोषणा की जा रही है।
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नोएडा का सबसे ऊंचा स्टेशन होगा इलेक्ट्रॉनिक सिटी
ब्लू लाइन पर बना इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्टेशन नोएडा का सबसे ऊंचा मेट्रो स्टेशन है। इसकी ऊंचाई 21 मीटर है। स्टेशन के पास स्थित वायाडक्ट एनएच-24 के ऊपर से गुजरता है, जहां भविष्य में फ्लाईओवर निर्माण का भी प्रावधान है। इसी फ्लाईओवर को ध्यान में रखते हुए स्टेशन की ऊंचाई इतनी बढ़ाई गई। यहां से भविष्य में मेट्रो की कनेक्टिविटी भी होनी है, जो गाजियाबाद की ओर जाएगी। वहीं इस स्टेशन पर एक अतिरिक्त ट्रैक भी है, जो दिल्ली मेट्रो के निर्माणाधीन नोएडा सेक्टर-63 डिपो से सीधे जुड़ेगा।
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दो स्टेशनों पर होगी पार्किंग की व्यवस्था
इस कॉरिडोर पर छह स्टेशन होंगे, जिनमें दो स्टेशनों पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। यह स्टेशन सेक्टर-52 और नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्टेशन होगा। इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन पर 10 टिकट वेंडिंग मशीनें भी लगाई गई है। वहीं दो टिकट काउंटर अलग से हैं। वेंडिंग मशीन लगाने का मकसद टिकट काउंटर की संख्या घटाना है।
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5.26 मिनट की होगी फ्रिक्वेंसी
इलेक्ट्रॉनिक सिटी-नोएडा सिटी सेंटर कॉरिडोर पर मेट्रो की फ्रीक्वेंसी पीक आवर में 5.26 मिनट की होगी। वहीं, पूरे कॉरिडोर की यात्रा में 12.23 मिनट का समय लगेगा। हालांकि, माना यह जा रहा है कि अभी सिटी सेंटर तक आने वाली सभी ट्रेनें इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक नहीं आएंगी। अगर भविष्य में ऐसा होता है तो फ्रीक्वेंसी और बढ़ जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल के तहत अभी से ही इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक मेट्रो के जाने की घोषणा की जा रही है।
अधिकारियों ने किया मेट्रो स्टेशन का दौरा
delhi metro
- फोटो : अमर उजाला
इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन पर बुधवार को नोएडा प्राधिकरण और मेट्रो के अधिकारी तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे। यहां बताया गया कि मेट्रो स्टेशन पर पीएम मोदी का लाइव भाषण दिखाने की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि यह निरीक्षण पूर्व निर्धारित गाजियाबाद के कार्यक्रम के लिए किया गया। लेकिन अब संभावना है कि पीएम ग्रेटर नोएडा से इसका लोकार्पण करेंगे।
एफओबी का लाभ सभी को मिलेगा
इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन के पास 18 मीटर की ऊंचाई पर एक एफओबी का निर्माण किया जा रहा है। यह करीब-करीब बनकर तैयार हो चुका है। यह मेट्रो तक जाने के लिए सड़क के दोनों ओर तैयार किया जा रहा है। खास बात यह कि अगर किसी को केवल रास्ता पार करना है तो भी वह उसका उपयोग कर सकता है।
दिल्ली मेट्रो ने लगाए बिजली के छह मोनोपोल टावर
दिल्ली मेट्रो ने नोएडा सेक्टर-34 में पहली बार यूपीपीटीसीएल के लिए 6 मोनोपोल टावर लगाए हैं। यह मोनोपोल टावर 61.2 मीटर ऊंचे हैं और भारत के किसी भी मोनोपोल टावर में सबसे ऊंचे हैं। दरअसल, यूपीपीटीसीएल की लाइनें सेक्टर-34 में मेट्रो के अलाइनमेंट को पार कर रही थीं इसलिए डीएमआरसी ने इसकी ऊंचाई बढ़ाने का फैसला किया। इनको खड़ा करते समय पर्याप्त सुरक्षा बरती गई और संपूर्ण संरचना का परीक्षण आईआईटी, मुंबई और रुड़की के विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
एफओबी का लाभ सभी को मिलेगा
इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन के पास 18 मीटर की ऊंचाई पर एक एफओबी का निर्माण किया जा रहा है। यह करीब-करीब बनकर तैयार हो चुका है। यह मेट्रो तक जाने के लिए सड़क के दोनों ओर तैयार किया जा रहा है। खास बात यह कि अगर किसी को केवल रास्ता पार करना है तो भी वह उसका उपयोग कर सकता है।
दिल्ली मेट्रो ने लगाए बिजली के छह मोनोपोल टावर
दिल्ली मेट्रो ने नोएडा सेक्टर-34 में पहली बार यूपीपीटीसीएल के लिए 6 मोनोपोल टावर लगाए हैं। यह मोनोपोल टावर 61.2 मीटर ऊंचे हैं और भारत के किसी भी मोनोपोल टावर में सबसे ऊंचे हैं। दरअसल, यूपीपीटीसीएल की लाइनें सेक्टर-34 में मेट्रो के अलाइनमेंट को पार कर रही थीं इसलिए डीएमआरसी ने इसकी ऊंचाई बढ़ाने का फैसला किया। इनको खड़ा करते समय पर्याप्त सुरक्षा बरती गई और संपूर्ण संरचना का परीक्षण आईआईटी, मुंबई और रुड़की के विशेषज्ञों द्वारा किया गया।