फरीदाबादः 86 मिनट में चार हत्याएं करके निकल गया स्कूटी वाला हत्यारा
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सेक्टर-7ए में हुए चौहरे हत्याकांड में पुलिस को स्कूटी वाले व्यक्ति की तलाश है, जो रात में 10.30 बजे डॉ. प्रवीण के घर में दाखिल हुआ और 11.56 मिनट पर घर से निकल गया। इन 86 मिनट में उसने दो परिवारों को उजाड़ दिया। फोरेंसिक टीम को पूरे घर में एक अज्ञात व्यक्ति के पैरों के निशान मिले हैं। माना जा रहा है कि यह हत्यारोपी के पैरों के निशान हैं। पुलिस उस आधार पर मामले की जांच में जुटी है।
सेक्टर-सात ए निवासी डॉ. प्रवीण मेहंदीरत्ता के पड़ोसी प्रो. सुनील गर्ग के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पुलिस ने देखी तो उसमें रात करीब 10.30 बजे स्कूटी पर एक व्यक्ति आता दिख रहा है। उसने डॉ. मेहंदीरत्ता के घर के बाहर स्कूटी खड़ी की और अंदर दाखिल हो गया। रात करीब 11.30 बजे डॉ. मेहंदीरत्ता की बेटी प्रियंका और दामाद सौरभ वहां पहुंचते हैं।
सौरभ घर के गेट पर अपनी कार खड़ी करता है और फिर दोनों पति-पत्नी घर में दाखिल होते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके 16 मिनट पर 11.56 मिनट पर वह स्कूटी वाला वहां से वापस चला जाता है। इन 86 मिनटों के दौरान उसने घर में मौजूद चारों व्यक्ति का कत्ल कर दिया और फरार हो गया। पुलिस का मानना है कि हत्यारा कोई जानकार है।
खौफनाक था अंदर का मंजर
प्रवीण मेहंदीरत्ता की पत्नी भारती की भाभी दिव्या ने बताया कि घर के अंदर का मंजर बहुत खौफनाक मंजर था। घर के ड्राइंग रूम में प्रियंका और सौरभ के शव पड़े थे, जबकि भारती का शव बेडरूम में बिस्तर के साथ जमीन पर पड़ा था। डॉ. प्रवीण मेहंदीरत्ता का शव बेसमेंट स्थित उनकी एक्सरे मशीन पर पड़ा मिला। पड़ोसियों के अनुसार नीचे बेसमेंट की लाइट, एक्सरे मशीन और कंप्यूटर चालू था।
तेज थी टीवी की आवाज
हत्यारे ने डॉ. प्रवीण और उनके परिवार की हत्या के दौरान तेज आवाज में टीवी चला दिया था, जिससे कि उनकी चीख भी घर से बाहर न जा सके। रात करीब 3 बजे पड़ोस में रहने वाले सुंदर लाल का बेटा सिद्धार्थ आया तो उसने भी डा. प्रवीण के घर से तेज-तेज आवाजें आते हुए सुना। हालांकि पुलिस का कहना है कि उसने टीवी की आवाज सुनी होगी। अमूमन रात को लोग इतनी तेज आवाज में टीवी नहीं चलाते हैं, इस पर उसे वह अंदर से लोगों के तेज आवाज में बात करने की आवाज लगी।
सुबह आ जाता था बेटा, मगर आज नहीं आया
पड़ोसियों के अनुसार डॉ. प्रवीण मेहंदीरत्ता का बेटा दर्पण गुरुग्राम स्थित किसी कंपनी में काम करता है। वह अक्सर ड्यूटी नाइट शिफ्ट में जाता था और सुबह 6 बजे तक आ जाता था। शुक्रवार रात को भी वह 9.30 बजे ड्यूटी पर गया था, मगर शनिवार सुबह घर नहीं आया। दोपहर को पड़ोसियों ने दर्पण को फोन किया तो उसने बताया कि वह दोस्तों के साथ आ गया था और अब घर लौट रहा है।
गेट पर पड़ा था अखबार, नौकरानी भी घंटी बजाकर लौट गई
पड़ोस में रहने वाली बीना रावत ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे डा. प्रवीण मेहंदीरत्ता के घर में काम करने वाली नौकरानी आई थी। उसने घंटी बजाई, मगर किसी ने गेट नहीं खोला। इस दौरान बीना रावत भी किसी काम से घर से बाहर निकली थीं तो उसने उनसे डा. परिवार के बारे में पूछा, मगर उन्होंने जानकारी नहीं होने की बात कही। इस दौरान उनका अखबार भी गेट पर पड़ा था और साथ वाले कमरे में कुत्ता बंद था।