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नर्सरी दाखिला: अजीबोगरीब मानकों ने बढ़ाई अभिभावकों की परेशानी, फॉर्म में मांग रहे खाते की जानकारी

Tue, 25 Dec 2018 04:11 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 25 Dec 2018 04:11 AM IST
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schools asked weird information in nursery admission form
nursery admission - फोटो : फाइल फोटो

निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में नर्सरी में दाखिले के लिए 15 दिसंबर से शुरू हुई दाखिले की रेस अब रफ्तार पकड़ने लगी है। अभिभावक एक सीट के लिए औसत 20 से अधिक स्कूलों में आवेदन कर रहे हैं। बावजूद इसके अभिभावकों को बच्चे के दाखिले को लेकर संशय है। स्कूलों के मनमाने मानकों से अभिभावकों की परेशानी बढ़ी हुई है। दाखिले की रेस जारी है लेकिन अभी से उन्हें चिंता सताने लगी है कि दाखिला होगा या नहीं।  

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फॉर्म में मांगी जा रही अजीबोगरीब जानकारियों के कारण कई अभिभावक आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, कई स्कूलों की वेबसाइट पर दाखिले के संबंध में जानकारी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। इस कारण अभिभावकों की परेशानी कम होती नहीं दिख रही।   
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- आईएफएससी कोड के साथ बैंक खाते की जानकारी 
अभिभावक रीना ने बताया कि अशोक विहार स्थित महाराजा अग्रसेन स्कूल में ऑनलाइन फॉर्म भरना है। ऑनलाइन फॉर्म के साथ स्कूल ने कुछ दिशा-निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों में साफ है कि अभिभावकों को बच्चे के बैंक खाते की जानकारी भी देनी है। इसके साथ ही बैंक शाखा का आईएफएससी कोड भी मांगा गया है। रीना ने कहा कि उनके बच्चे का बैंक खाता नहीं है। तो क्या ऐसे में बच्चे का दाखिला नहीं हो पाएगा। वह कहती हैं कि स्कूल को बच्चे के बैंक खाते से क्या करना है, यह समझ से परे है। अभी तक बच्चे के आधार कार्ड नहीं होने से परेशान थे। अब बैंक खाते की अजीब सी शर्त को पूरा करना होगा। 
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- फॉर्म में जाति-धर्म के विषय में पूछा जा रहा 
वहीं, कुछ स्कूल आवेदन फॉर्म में बच्चे की जाति-धर्म पूछ रहे हैं। यूनिवर्सल स्कूल ने फॉर्म में पूछा है कि माता-पिता किस पद पर हैं, उनकी सालाना सैलरी कितनी है। साथ ही बच्चा, एससी, एसटी या ओबीसी किस श्रेणी से है। प्रीत विहार स्थित स्नेह इंटरनेशनल स्कूल में फॉर्म भरने वाले एक अभिभावक ने बताया कि फॉर्म में यह जानकारी मांगी गई है कि वह धर्म व भाषा के आधार पर अल्पसंख्यक तो नहीं है। नौकरीपेशा माता-पिता हैं या एकल अभिभावक हैं तो उनकी अनुपस्थिति में बच्चे को कौन संभालता है। अभिभावकों को यह समझ नहीं आ रहा है कि ऐसे प्रश्नों का बच्चों के दाखिले से क्या मतलब है।

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