फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Scanning the QR code of the maths question paper, a song started playing.

Delhi NCR News: गणित के प्रश्न पत्र का क्यूआर कोड किया स्कैन, बजने लगा गाना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Mar 2026 08:03 PM IST
विज्ञापन
-स्कैन करने पर यू-ट्यूब वीडियो खुला, सुरक्षा पर उठे सवाल
विज्ञापन


-सीबीएसई ने कहा पेपर सुरक्षित है, मामले को गंभीरता से लिया

-छात्रों, शिक्षकों के बीच गाना चर्चा का विषय रहा

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सोमवार को बारहवीं की गणित परीक्षा के कुछ प्रश्न पत्र में क्यूआर कोड स्कैन पर ब्रिटिश पॉप गाना नेवर गोना गिव यू अप बजने लगा। दावा किया गया कि प्रश्न पत्र का क्यू-आर कोड स्कैन करने पर यू-ट्यूब वीडियो खुल रहा है। इस पर घटना ने प्रश्न पत्रों की गोपनीयता को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। सीबीएसई ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रश्न पत्र को पूरी तरह से सुरक्षित बताया है। वहीं, यह मामला दिन भर छात्रों, शिक्षकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद छात्रों अभिभावकों की ओर से प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठने लगे। काफी छात्र अपने-अपने प्रश्न पत्र के क्यू-आर कोड को स्कैन करके देखने लगे लेकिन उन्हें साधारण अक्षर या कोड ही दिखा। इस कारण से भ्रम की स्थिति रही। बताया जा रहा है कि यह घटना एप्लायड मैथमेटिक्स के कुछ प्रश्न पत्रों में हुई। सीबीएसई ने गणित परीक्षा के प्रश्नपत्र को लेकर उठे विवाद पर स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्र पूरी तरह से असली हैं और उनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की सेंध नहीं लगी है। बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज की ओर से प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि 9 मार्च 2026 को आयोजित बारहवीं की गणित की परीक्षा के दौरान कुछ प्रश्नपत्र सेट में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करने पर एक यूट्यूब वीडियो का लिंक खुलने की जानकारी सामने आई हैं। इस घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच प्रश्नपत्र की सत्यता और सुरक्षा को लेकर शंकाएं पैदा हो गई थीं।
विज्ञापन


सीबीएसई ने कहा कि प्रश्नपत्रों में कई तरह के सुरक्षा फीचर दिए जाते हैं, जिनमें क्यूआर कोड भी शामिल हैं। इन क्यूआर कोड का उद्देश्य किसी भी संदिग्ध स्थिति में प्रश्नपत्र की सत्यता की जांच करना होता है। इसमें सेट नंबर, सीरियल नंबर या एन्क्रिप्टेड जानकारी रहती है जिससे यह पता चलता है कि दस्तावेज असली है और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि इस मामले में प्रश्नपत्र पूरी तरह से वास्तविक हैं और उनकी गोपनीयता या सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बोर्ड ने कहा कि क्यू आर कोड स्कैन करने पर यूट्यूब लिंक खुलने की घटना को गंभीरता से लिया गया है। इस संबंध में जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। बोर्ड परीक्षा की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी है। बोर्ड का उद्देश्य छात्रों को निष्पक्ष और व्यवस्थित परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराना है, जिसके लिए सभी जरूरी सुरक्षा उपाय लगातार मजबूत किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article