सुप्रीम कोर्ट ने एलजी नजबी जंग को दिया करारा झटका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली सरकार और उप राज्यपाल नजीब जंग को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दक्षिणी दिल्ली में स्थित विवादित भूमि को अधिग्रहित किए जाने और 114 बीघा भूमि जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी को स्थानांतरित किए जाने पर नाराजगी जताई।
सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दायर याचिका पर यथा-स्थिति कायम रखने का आदेश जारी किया है। सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली सरकार को यह याद दिलाया कि जमीन के मालिकाना हक को लेकर यह बहुत ही गंभीर विवाद है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार जमीन का मालिक होने और उस पर कब्जा होने का दावा कर रहा है।
ऐसी स्थिति में इस जमीन के मसले पर कोई भी कदम तब तक नहीं उठाया जाए। जब तक इस न्यायिक निपटारा नहीं हो जाए। जस्टिस एमवाई इकबाल और जस्टिस एसके सिंह ने दिल्ली सरकार की उस दलील को भी अस्वीकार कर दिया जिसमें कहा गया कि वह अपने जोखिम पर निर्माण की गतविधि कराएगी।
पीठ ने कहा कि न्याय की मांग यह कहती है कि इस मामले में यथा-स्थिति बरकरार रखी जानी चाहिए। और यह सिर्फ कब्जे को लेकर ही नहीं, बल्कि निर्माण व स्थानांतरण सहित अन्य सभी पहलुओं पर कायम रखी जानी चाहिए।
विवादित जमीन जामिया मिलिया इस्लामिया के हवाले थी
पीठ ने कहा कि गंभीर सवाल इस मामले में जमीन के मालिकाना हक का है, जो मौजूदा याचिका में उठाया गया है। ऐसे में इस मुद्दे की जल्द सुनवाई किए जाने की जरूरत है। लेकिन जब तक यह मामला न्यायिक तौर पर अंतिम निर्णय तक नहीं पहुंच जाता, दोनों पक्षकारों को इस मामले में आज के दिन से यथास्थिति कायम रखनी चाहिए।
कोई भी गतिविधि किसी भी पक्षकार की ओर से नहीं होनी चाहिए। पीठ के समक्ष दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल को यह जमीन शैक्षणिक कार्य के लिए जरूरत है। इस पर पीठ ने कहा कि यदि शिक्षा मूल अधिकार है तो क्या इसका मतलब यह है कि आप किसी अन्य राज्य की जमीन ले लेंगे।
इसमें बहुत जल्दबाजी की जा रही है। हम नहीं चाहते की हमारे सामने चल रहा यह मसला बेवजह का हो जाए। गौरतलब है कि ठीक एक दिन पहले यूपी सरकार की ओर से दायर किए गए हलफनामे में कहा गया था कि ओखला की कई एकड़ जमीन को जामिया मिलिया इस्लामिया के हवाले करने पर दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च अदालत से कहा कि कानून को ताक पर रखकर उपराज्यपाल ने विवादित जमीन जामिया मिलिया इस्लामिया के हवाले कर दी गई। क्योंकि जंग जामिया के कुलपति थे और वह किसी भी सूरत में जमीन यूनिवर्सिटी को देना चाहते थे।