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सुनारी कांड : एससी-एसटी आयोग ने जताई नाराजगी, पुलिस-प्रशासन को लगाई फटकार

Sun, 15 May 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sun, 15 May 2016 12:12 AM IST
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SC, ST Commission expressed displeasure
अधिकारियों से बात करते एसी एसटी आयोग के सदस्य - फोटो : अमर उजाला

गुड़गांव के तावड़ू के गांव सुनारी में दलित परिवार की शादी में दबंगों द्वारा की गई छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में  एससी, एसटी आयोग के सदस्य और पूर्व राज्यसभा सदस्य ईश्वर सिंह शनिवार को सुनारी पहुंच गए। उन्होंने पीड़ितों को न्याय का भरोसा दिलाया। ईश्वर सिंह ने प्रशासन के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत कर जानकारी भी ली।

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इस अवसर पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ित न्याय के लिए भटकते रहे और पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। पीड़ित परिवारों में भय का माहौल अभी बना हुआ है। घटना के तीन दिन बाद मामला दर्ज किया गया है। ईश्वर सिंह ने कहा कि अगर समय पर पुलिस मामले को लेकर संजीदगी दिखाती तो यह पीड़ा दलित लोगों को नहीं उठानी पड़ती। दबंग लोगों ने जो अत्याचार दलितों पर किया है, वह निदंनीय है।
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उन्होंने कहा कि दबंगों द्वारा दलित परिवार की बारात में महिलाओं के साथ छेड़खानी करने व विरोध करने पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट कर उन्हें बेइज्जत करना, इससे बड़ा अत्याचार नहीं हो सकता है। ऐसी दबंगई अंग्रेजों के समय भी देखने को नहीं मिली होगी। ऐसा पहली बार देखने में आया है कि दो फेरे होने के बाद बाकी फेरे नहीं पड़े हों।
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आयोग के सदस्य ने पुलिस प्रशासन को फटकार लगाते हुए पुलिस कप्तान से दलितों की सुरक्षा के लिए गांव में पीसीआर लगाने व पीड़ित परिवार अधिक दहशत में है तो गांव में ही चौकी स्थापित करने को कहा। साथ ही खोरी चौकी प्रभारी का तबादला करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से ही इस घटना की जानकारी उन्हें मिली है।

जिसकी वजह से वह स्वयं मामले की जानकारी लेने गांव में दलित परिवार के पास पहुंचे हैं। उन्होंने सरपंच को भी फटकारते हुए कहा कि दलितों परिवारों पर हमला होता रहा और आप सोते रहे। उन्होंने कहा कि सेक्शन चार के अंतर्गत ऐसी घटनाओं के दौरान यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदेहजनक मिलती है, तो आयोग उस के विरुद्ध मामला दर्ज करा सकता है।

उपायुक्त मनीराम शर्मा ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मदद करने का भरोसा दिलाया। पुलिस कप्तान दीपक गहलावत ने आयोग के सदस्य को जानकारी देते हुए बताया कि 11 व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है और शुक्रवार की रात्रि चार हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया। बाकी दोषियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। इस अवसर पर उपायुक्त मनीराम शर्मा भी मौजूद थे।


पीड़ितों को आयोग के सदस्य के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। इसकी वजह से पीड़ित परिवार के अधिकतर लोग घर पर नहीं मिले। पीड़ित परिवार की महिला संतोष ने आयोग के सदस्य को अपनी पीड़ा  सुनाई। जब संतोष ने बताया कि उन्हें किसी ने आयोग की टीम के बारे में सूचना नहीं दी तो आयोग के सदस्य चकित रह गए।

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