फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   sc decision will control pollution in gurgaon

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लगेगी प्रदूषण पर लगाम

Sat, 02 Apr 2016 09:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sat, 02 Apr 2016 09:34 AM IST
विज्ञापन
sc decision will control pollution in gurgaon
- फोटो : GettyImages

प्रदूषण से हाफ रही साइबर सिटी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जागी है। कोर्ट के फैसले से शहर की आबोहवा को साफ को साफ करने में बड़ी मदद मिलेगी। हालांकि सभी फैसले गुडग़ांव में लागू नहीं होंगे, लेकिन पर्यावरणविदें की मानें तो दिल्ली में बंदिश का असर यहां भी साफ देखने को मिलेगी। फिजां में फैली पर्टिक्यूलेट मैटर (पीएम) व अन्य प्रदूषक तत्व में कमी आएगी। बीते तीन महीने में इसका अब कुछ असर भी दिखने लगा है।

विज्ञापन


 दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 2005 से पहले के पंजीकृत वाहनों को बैन लगाने का आदेश को बरकरार रखा है। जिसका असर गुडग़ांव पर भी पड़ेगा। शहर की सड़कों पर करीब 83 हजार वाहन 2005 से पहले की है। इनमें अधिकांश ऑटो व कैब है। जिनका यहां के प्रदूषण में अहम रोल है। एक अप्रैल से एनसीआर में सीएनजी टैक्सियां के चलने के आदेश से प्रदूषण के ग्राफ में और गिरावट आएगी। 
विज्ञापन


प्रदूषण नियंत्रण विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरएस राठी कहते हैं प्रदूषण हवाओं की दिशा, तापमान और गाडिय़ों से निकलने वाले प्रदूषण सब पर निर्भर करता है। यदि हवा की दिशा दूषित इलाके से आएगी, तो प्रदूषण फैलना स्वाभाविक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लग्जरी गाडिय़ां यहां भी होती रजिस्टर्ड
2000 सीसी से ज्यादा एसयूवी और लग्जरी गाडिय़ों के रजिस्ट्रेशन गुडग़ांव में भी होती है। औसतन एक दर्जन गाडिय़ां यहां रजिस्टर्ड होती है। दिल्ली-एनसीआर में रजिस्ट्रेशन पर रोक के बाद गुडग़ांव के शोरूम से निकलने वाली एसयूवी व अन्य लग्जरी गाडिय़ों की रजिस्ट्रेशन दूसरे शहरों में बढने की संभावना है। गुडग़ांव के बड़े शोरूम से फोर्स मेकन, टोयोटा कैमरी, फोर्स वन एसयूवी, बीएमडब्लू जेड 4 ऑडी क्यू एस, टाटा सूमो, टाटा सफारी, टाटा आरिया, शेवरले की ट्रेलब्लेजर, हुंडई सांता और जगुआर एक्स-एफ जैसी तमाम गाडिय़ां निकलती है। जिनके रजिस्ट्रेशन यहां होते हैं। बता दें कि इससे कम इंजन की क्षमता वाली यात्री कारें इसमें शामिल नहीं है।

बढ़ते वाहन घोल रही है जहर
जनगणना डाटा के मुताबिक गुडग़ांव में प्रति 1000 लोगों पर 232 कार और दुपहिया वाहन हैं।  गुडग़ांव में 46 फीसदी घरों में अपने दुपहिया हैं, जबकि 33 फीसदी घरों में कारें हैं। बीते सालों में सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल 57 फीसदी से गिरकर 40 फीसदी पहुंच गया है। हर दिन 500 से अधिक गाडिय़ां निकलती है।

शहर में सामान्य से तीन अधिक है प्रदूषण
प्रदूषण बोर्ड के आंकड़ों पर नजर डाले तो मई 2013 में 48.69 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर का स्तर अब 188.81 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से पार कर आगे बढ़ रहा है। हालांकि सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) ने दिसंबर 2014 में किए अध्ययन में बताया था कि साइबर सिटी में यह सामान्य से 13 गुना अधिक है। प्रदूषण में पीएम-2.5 और पीएम-10 की मात्रा सुरक्षित स्तर सामान्य से तीन गुणा बढ़ चुका है। कई जगहों पर सात गुणा बढ़ चुकी है। बता दें कि पीएम-2.5 का सुरक्षित स्तर 50 माइक्रोग्राम प्रति क्युबिक मीटर और पीएम-10 का सुरक्षित स्तर 10 माइक्रोग्राम प्रति क्युबिक मीटर माना जाता है। अधिक होने की वजह से लोग कई तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। 


प्रमुख स्थानों पर अधिक प्रदूषण
शहर के प्रमुख स्थानों पर प्रदूषण का स्तर ग्रामीण इलाके के मुकाबले बहुत आकि है। दिसंबर 2014 में इफ्को चौक, साइबर ग्रीन क्षेत्र, सोहना रोड, आर्टिमिस अस्पताल, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, मेदांता अस्पताल का क्षेत्र, राजीव चौक, सिविल अस्पताल, सदर बाजार और उद्योग विहार में किए गए मॉनिटरिंग के बाद हालत सबसे चिंतनीय बताई गई थी। इन स्थानों पर सुबह के वक्त सैर करने वाले लोगों को कई गुणा प्रदूषित वायु मिलती है।

प्रदूषण के अांकड़ों पर एक नजर
माह===================पीएम10===========पीएम2.5=======कार्बन मोनोऑक्साइड
नवंबर2015==============188.81==========84.40=========1.49
दिसंबर==================106.44==========1.49
जनवरी 2016=============109.99==========1.23
फरवरी 2016=============101.64==========1.42

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed