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दिल्ली के लिए राहत भरी खबर: छह साल की तुलना में सबसे कम डेंगू मामले इस महीने में मिले
Wed, 22 Sep 2021 05:53 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 22 Sep 2021 05:53 PM IST
सार
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी होती है। दिल्ली सरकार डेंगू की रोकथाम के लिए पूरी तरह तैयार है। घर-घर पर अधिकारी डेंगू की जांच करने जा रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली सरकार 10 हफ्ते 10 बजे 10 मिनट अभियान बड़े स्तर पर चला रही है।
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सत्येंद्र जैन
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि दिल्ली में पिछले 6 सालों की तुलना में सबसे कम डेंगू के मरीज इस साल सितंबर माह में मिले हैं। दिल्ली सरकार का 10 हफ्ते 10 बजे 10 मिनट अभियान डेंगू की रोकथाम में कारगर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत है।
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बुधवार को प्रेस वार्ता संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 20 सितंबर तक दिल्ली में 87 लोग डेंगू संक्रमित मिले हैं। जबकि पिछले साल 2020 में इसी माह के दौरान 188 लोग संक्रमित हुए थे। इससे पहले साल 2019 में 190, 2018 में 374 और 2017 में 1103 लोग डेंगू की चपेट में आए थे। इनसे पहले साल 2016 में 1300 और 2015 में सबसे अधिक 6775 मामले सामने आए थे।
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स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी होती है। दिल्ली सरकार डेंगू की रोकथाम के लिए पूरी तरह तैयार है। घर-घर पर अधिकारी डेंगू की जांच करने जा रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली सरकार 10 हफ्ते 10 बजे 10 मिनट अभियान बड़े स्तर पर चला रही है। पिछले दो सालों में यह अभियान डेंगू की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने में बेहद ही कारगर साबित हुआ है।
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ऑक्सीजन ऑडिट पर केंद्र कर रहा राजनीति
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अभी तक ऑक्सीजन ऑडिट को लेकर केंद्र सरकार ने राजनीति की है। संसद में कहा कि किसी भी मरीज की ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं हुई है लेकिन दिल्ली सरकार ने जब ऑक्सीजन की कमी से मरने वालों की जानकारी लेने और मुआवजा देने का फैसला लिया तो उपराज्यपाल ने समिति गठन पर रोक लगा दी।
कोई भी कर सकता है आवेदन
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की इस ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी में कोई भी आवेदन कर सकता है। इन आवेदनों की सरकार जांच करेगी और पांच लाख रुपये तक का मुआवजा देगी। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही समिति का गठन करेगी और उन लोगों को न्याय दिलाएगी जिन्होंने कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन संकट में अपनी जान गंवाई।