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सत्येंद्र जैन का आरएमएल पर आरोप, कोरोना जांच की गलत रिपोर्ट दे रहा अस्पताल
Thu, 04 Jun 2020 04:43 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 04 Jun 2020 04:43 PM IST
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सत्येंद्र जैन
- फोटो : एएनआई
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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आरएमएल अस्पताल कोरोना वायरस की गलत जांच रिपोर्ट दे रहा है। इसी के साथ उन्होंने अस्पताल पर लापरवाही बरतने के भी आरोप लगाए हैं।
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जैन ने आगे कहा कि आरएमएल अस्पताल कोरोना की जांच रिपोर्ट समय पर नहीं दे रहा है। 70 प्रतिशत लोगों की मौत अस्पताल पहुंचने के 24 घंटों के अंदर हो रही है, क्योंकि आरएमएल कोरोना की जांच रिपोर्ट देने में 5-7 दिन का वक्त लगा रहा है। जबकि कोरोना जांच रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर आ जानी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि बीते दिनों आरएमएल अस्पताल ने एक दिन में 94 प्रतिशत सैंपल पॉजिटिव बताए थे। जब दोबारा जांच की गई तो 45 प्रतिशत सैंपल निगेटिव पाए गए। सत्येंद्र जैन ने कहा कि उन्होंने इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन सिंह से बात की है।
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राघव चड्ढा ने भी लगाए थे आरोप
आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने भी आरएमएल अस्पताल पर गलत जानकारी देने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा था कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जांच सबसे महत्वपूर्ण है। मगर आरएमएल अस्पताल में गलत टेस्टिंग की जा रही है और लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। राघव ने बताया कि आरएमएल अस्पताल में 45 प्रतिशत जांच रिपोर्ट गलत निकली हैं।
जांच रिपोर्ट में देरी पर लैब संचालकों को नोटिस, कई किए गए तलब
कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट एक बार फिर देरी से मिलने लगी हैं। एक महीने पहले भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ रहा था जब दिल्ली सरकार ने लैब को एक दिन में ही रिपोर्ट देने के सख्त निर्देश दिए थे लेकिन राजधानी के लोग एक बार फिर उसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।
इसे लेकर सत्येंद्र जैन का कहना है कि कोरोना की रिपोर्ट में देरी होने के चलते कई लैब संचालकों को नोटिस दिया है। बीते दो दिन में दो लैब संचालकों से जबाव भी मांगा है। हालांकि सत्येंद्र जैन का कहना है कि एक व्यक्ति अगर कोरोना पॉजिटिव मिलता है तो उसके संपर्क में आने वाले कई लोग जांच कराने पहुंच रहे हैं। ऐसे में जांच कराने वालों की लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं।
जबकि नियम यह कहता है कि अगर कोई कोरोना पॉजिटिव है और उसके संपर्क में आया कोई व्यक्ति हाईरिस्क जोन (डायबिटीज, किडनी या अन्य रोग, बुजुर्ग, लक्षण) इत्यादि है तो ही वह जांच कराने जाए। कोरोना जांच को लेकर एक दिन पहले ही दिल्ली सरकार ने नए जांच नियमों को लागू किया है, जिसमें लक्षणों के आधार पर ही जांच को अनिवार्यता दी गई है।