सारा सिंह हत्याकांड: बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए वकील बनीं मां, अब खुद लड़ेंगी केस
प्रदेश के चर्चित सारा सिंह हत्याकांड केस में अब सारा की मां सीमा सिंह खुद पैरवी करती नजर आएंगी। उन्होंने इसके लिए एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर ली है। बेटी को इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रही सीमा सिंह अब काला कोट पहनकर वकील के साथ जिरह करेंगी। 60 साल की उम्र में सारा की मां पैरवी के लिए हाईकोर्ट में खुद खड़ी होंगी।
चार साल केस की पैरवी करने के दौरान उनके मन में वकालत करने का विचार आया था। सीमा ने 2017 में लखनऊ विश्वविद्यालय के सेंट मदर टेरेसा लॉ कालेज में तीन साल की एलएलबी कोर्स में दाखिला लिया था। जुलाई 2019 में उनकी एलएलबी पूरी हो गई।
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उन्होंने वकालत करने के लिए खुद को बार काउंसिल ऑफ यूपी में और इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में रजिस्टर्ड करा लिया है। सीमा का कहना है कि वह गाजियाबाद में अपने अधिवक्ता नवनीत त्यागी बयाना के साथ केस की पैरवी करेंगी।
सीबीआई में उनके वकील नवनीत ही रहेंगे, लेकिन इसमें वह उनकी मदद करेंगी। सीमा सिंह ने 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन लखनऊ से किया। इसके अलावा उन्होंने समाजशास्त्र विषय में मास्टर डिग्री हासिल की।
सारा जैसी बच्चियों को दिलाऊंगी न्याय
सीमा सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह समाज में होने वाले अन्याय के खिलाफ लड़ने वाली महिला हैं। वह अपनी बेटी जैसी तमाम बेटियों को इंसाफ दिलाने के लिए अधिवक्ता बनी हैं। इसमें लोग उम्र के पड़ाव की बात करते हैं, तो वह उनका जज्बा देखकर शांत हो जाते हैं। सीमा सिंह ने बताया कि वह किसी डरने वाली नहीं हैं। उन्हें कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।
यह था मामला
गौरतलब है कि नौतनवा सीट से विधायक अमनमणि त्रिपाठी नौ जुलाई 2015 को अपनी पत्नी सारा सिंह के साथ कार से दिल्ली जा रहे थे। रास्ते में फिरोजाबाद हाईवे पर उसकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में सारा सिंह की मौत हो गई थी, लेकिन अमन को खरोंच तक नहीं आई थी।
सारा की मां सीमा सिंह ने दुर्घटना को साजिश बताकर अमन पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही केस की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की थी। इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच की थी। फिलहाल केस गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी हर तारीख पर वह लगातार आ रही हैं।