देशद्रोह के आरोपी में जेएनयू छात्रों के बाद एसएआर गिलानी को भी मिली जमानत
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दिल्ली प्रेस क्लब में पाकिस्तान समर्थित नारे लगाने वाले डीयू के पूर्व प्रोफेसर एसएआर गिलानी को आज पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत मिल गई।
गिलानी पर ये भी आरोप है कि उसने संसद हमले के दोषी अफजल गुरू के समर्थन में नारे लगाए थे जिसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर गिलानी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
गिलानी ने पहले भी जमानत की याचिका डाली थी जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद गिलानी दोबारा जमानत याचिका दायर की थी जिसे आज कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। गिलानी संसद हमले का भी आरोपी रह चुका है लेकिन पर्याप्त सूबत ना होने के कारण गिलानी को रिहा कर दिया गया था।
शुक्रवार को नहीं हो सकी थी सुनवाई
देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार डीयू के प्रोफेसर एसएआर गिलानी की जमानत याचिका पर शुक्रवार को भी बहस नहीं हो सकी थी जिसके बाद आज उनके जमानत पर सुनवाई हुई। दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा कि गिलानी पर गंभीर आरोप हैं लेकिन उन्हें जमानत याचिका की कॉपी नहीं मिली है।
इसलिये वह बहस नहीं कर सकते है। अदालत ने इस पर जांच अधिकारी को फटकार लगाई और जमानत याचिका पर सुनवाई के लिये शनिवार की तारीख तय की थी। गिलानी की जमानत याचिका पर बुधवार व बृहस्पतिवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी थी। गिलानी ने बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।
प्रेस क्लब में देश विरोधी नारेबाजी के सिलसिले में पुलिस ने 16 फरवरी को गिलानी को गिरफ्तार किया था। गिलानी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और कभी भी छूट सकते हैं।