पत्नी के लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगे गुड्डू पंडित!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काजल शर्मा को नोएडा विधान सभा उपचुनाव में उतारे जाने के बाद सपा ने फूंक-फूंककर कदम रखने शुरू कर दिए हैं। पार्टी चाहती है कि प्रत्याशी की छवि ही जीत का आधार बने।
प्रदेश नेतृत्व ने फैसला किया है कि गुड्डू पंडित का ‘दबंग’ होना कहीं नुकसान न पहुंचा दे, इसीलिए प्रत्याशी से दूरी बनाकर रखी जाएगी। अलीगढ़ की घटना से हुए नुकसान को पार्टी दोहराना नहीं चाहती है।
हाईटेक शहर नोएडा की सीट को सपा ने प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। इसीलिए पार्टी ने काजल शर्मा को मैदान में उतारा है। काजल के पति गुड्डू पंडित डिबाई से दूसरी बार भी विधायक चुने गए हैं।
पार्टी उनको कठिन परिस्थितियों में भी जीत हासिल करने के लिए चुनावी ‘जादूगर’ मानती है। लेकिन उनकी ‘दबंगई’ वाली छवि को नोएडा से दूर रखने की योजना है। यही कारण रहा कि प्रेस वार्ता हो या फिर कोई अन्य प्रचार का तरीका, गुड्डू के साए से काजल दूर ही हैं।
न कोई मुद्दा और न ही लहर
हाल में ही हुए लोकसभा चुनाव के दरम्यान काजल को अलीगढ़ से प्रत्याशी बनाया गया था, मगर गुड्डू के विवाद ने जोर पकड़ा तो पार्टी ने टिकट काट दिया था।
नोएडा उत्तर प्रदेश का शो विंडो कहा जाता है और देश में इसकी धाक भी है। सपा ने इसीलिए काजल पर भरोसा जताया है। पढ़ी लिखी महिला होने से साथ-साथ राजनीतिक साफ-सुथरी छवि ही जीत का आधार बने, ऐसा पार्टी नेतृत्व चाहता है। सपा यह भी मानती है कि गुड्डू पंडित ने डिबाई में कई दिग्गज हराए हैं लेकिन वह नोएडा के मूल निवासी हैं, यहां पर ‘वो बात’ नहीं दोहराई जा सकती है।
सपा के रणनीतिकार मानते हैं कि उपचुनाव में किसी भी पार्टी की लहर नहीं है। नोएडा भाजपा का गढ़ है, इस किले को ढहाने के लिए कड़ी मेहनत, प्रचार-प्रसार और लोगों तक अपनी बात पहुंचाकर वोटरों के रुख को मोड़ना है।
यही कारण कि प्रदेश से चार-पांच मंत्री, संगठन से जुड़े अनुभवी नेता, दो पूर्व सांसद लगे हुए हैं। मुलायम सिंह समेत अन्य नेताओं के लिए खास सभाओं की भी तैयारी चल रही है।
प्रत्याशी के नामांकन के लिए पहुंचे तीन मंत्री
नोएडा विधानसभा की सीट को सपा ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। सपा प्रत्याशी के नामांकन के दौरान इसका प्रमाण देखने को भी मिल गया, जब पार्टी प्रत्याशी के नामांकन के लिए प्रदेश के तीन मंत्री यहां मौजूद रहे।
नोएडा विधानसभा सीट भाजपा के कब्जे में रही है। विधानसभा चुनाव में इस सीट से डॉ. महेश शर्मा विजयी हुए थे, लेकिन डॉ. शर्मा के सांसद चुने जाने और विधानसभा से इस्तीफा देने के बाद इस सीट पर उप चुनाव हो रहा है।
उप चुनाव में नोएडा सीट को सत्तारूढ़ पार्टी सपा प्रतिष्ठा का सवान बना चुकी है। नोएडा सीट पर जातिगत समीकरणों को देखते हुए ही सपा ने ब्राह्मण प्रत्याशी के रूप में काजल शर्मा को टिकट दिया है। काजल के पति गुड्डू पंडित सपा से विधायक हैं। सपा इस चुनाव को जीतने के लिए पूरी ताकत लगाने के मूड में दिख रही है।
बुधवार को जब सपा प्रत्याशी काजल शर्मा नामांकन के लिए पहुंचीं तो उनके साथ स्थानीय सपा नेताओं के अलावा प्रदेश के कई जिलों के सपा नेता नजर आए। यह बात अलग है कि कुछ कलेक्ट्रेट के बाहर ही खड़े रह गए तो कुछ कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर गए।
सपा प्रत्याशी के नामांकन के लिए प्रदेश के तीन मंत्री नारद राय, राम सकल गुर्जर और मनोज पांडे भी यहां पहुंचे। नारद राय गौतमबुद्धनगर के प्रभारी भी हैं। नामांकन के दौरान तीन मंत्रियों के पहुंचने पर यह माना जा रहा है कि सपा इस सीट को जीतने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।