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अपराध की काली दुनिया: छह साल से निशाने पर सलमान, लॉरेंस हर जगह रखता रहा नजर; पुलिस अफसर का बेटा है खास गुर्गा

Tue, 22 Oct 2024 03:37 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 22 Oct 2024 03:37 AM IST
सार

संपत नेहरा उर्फ बलकारी, बिश्नोई गिरोह का एक प्रमुख सहयोगी और शार्पशूटर है, जो चंडीगढ़ पुलिस के सेवानिवृत्त सहायक उपनिरीक्षक का बेटा है।

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Salman khan on target for six years Lawrence bishnoi kept an eye on everything
लॉरेंस बिश्नोई और सलमान खान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत से लेकर कनाडा और अमेरिका तक दहशत का पर्याय बने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के निशाने पर अभिनेता सलमान खान पिछले छह साल से रहे हैं। लॉरेंस ने सबसे पहले गैंगस्टर संपत नेहरा को अभिनेता की रेकी करने और मारने की साजिश रचने के लिए मुंबई भेजा था। इससे पहले सलमान ने हरियाणा में घोड़े की नीलामी पर बोली लगाई थी, तब भी लॉरेंस गिरोह अभिनेता पर नजर रखे हुए था।

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लॉरेंस ने पूछताछ में बताया था कि उसने 2018 में संपत नेहरा को मैसेज भेजा था कि सलमान खान ने काले हिरण को मारकर बिश्नोई समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, इसलिए उसे मार दिया जाना चाहिए। संपत मुंबई में सलमान की हत्या की साजिश रचने व रेकी करने गया था। वह उनके पीछे हैदराबाद भी गया और वहीं रहा। वहां से उसे हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसने फोन नहीं होने की वजह से राजू बसौदी से संपर्क नहीं किया था।

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वर्ष 2021 में एक घोड़े की नीलामी पर 95 लाख रुपये की विजयी बोली पंजाब में डेरा चलाने वाले बाबा ने लगाई थी। दूसरी सबसे बड़ी बोली 90 लाख रुपये की थी, जो सलमान खान के प्रतिनिधि ने लगाई थी। अभिनेता के मौके पर मौजूद न होने पर लॉरेंस के एक अन्य गुर्गे शाहरुख ने विजेता बाबा पर ध्यान केंद्रित किया और कुछ पैसे कमाने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि उसने कथित तौर पर बाबा से एक करोड़ रुपये की जबरन वसूली की थी। उस समय तक सलमान घोड़े की नीलामी में भी नहीं पहुंचे थे और उन्हें पता भी नहीं था कि बिश्नोई गिरोह अभिनेता की गतिविधियों पर कितनी बारीकी से नजर रख रहा था।

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पुलिस अफसर का बेटा संपत लॉरेंस का खास गुर्गा
संपत नेहरा उर्फ बलकारी, बिश्नोई गिरोह का एक प्रमुख सहयोगी और शार्पशूटर है, जो चंडीगढ़ पुलिस के सेवानिवृत्त सहायक उपनिरीक्षक का बेटा है। जून 2018 से बठिंडा सेंट्रल जेल में बंद संपत (34) ने 2014 में बिश्नोई की गिरफ्तारी के बाद गिरोह की कमान अपने हाथ में ली। पंजाब पुलिस के आधिकारिक डोजियर के अनुसार, मूल रूप से राजस्थान के चुरू जिले के कलौरी का रहने वाला संपत चंडीगढ़ के सेक्टर 26 पुलिस कॉलोनी में पला-बढ़ा। 2012 के छात्र संघ चुनावों के दौरान वह बिश्नोई के संपर्क में आया और अपराध की दुनिया में उसकी यात्रा शुरू हुई। संपत ने लॉरेंस व उसके गुर्गो को कथित तौर पर पंजाब, राजस्थान और चंडीगढ़ में रहने के लिए ठिकाने मुहैया कराए थे। उसके खिलाफ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और चंडीगढ़ में हत्या, हत्या के प्रयास, स्नैचिंग, डकैती और जबरन वसूली सहित 65 से अधिक मामले दर्ज हैं।

रेकी भी करवाई
लॉरेंस ने सलमान खान के पनवेल में स्थित अर्पिता फॉर्म्स की रेकी भी करवाई थी। रेकी करते हुए बदमाश पकड़े गए और तभी से लॉरेंस का नाम और तेजी से उछला। इसके बाद नवंबर, 2023 में सलमान के घर के बाहर फायरिंग हुई थी, तब भी उसका नाम सुर्खियों में था।

लॉरेंस पर 84 से ज्यादा मामले...कहता था नंबर-1 अपराधी बनना चाहता हूं
एनआईए की चार्जशीट में कहा कहा गया है कि लॉरेंस के खिलाफ कुल 84 मामले दर्ज हैं, जिसमें से 18 मामले 2008 से ही चल रहे हैं। उसके लंबे समय तक जेल में रहने के बावजूद उसका नेटवर्क बढ़ता गया। वर्ष 2021 में, बिश्नोई ने पुलिस को बताया था कि वह अपराध की दुनिया को छोड़कर शांति से रहना चाहता है। वर्ष 2023 में उससे यही सवाल पूछा गया तो उसने कहा था कि पिछले 10 सालों से जेल में हूँ और अब मेरे बाहर आने की संभावना बहुत कम है। अब देश का नंबर 1 अपराधी बनना चाहता हूं।

दिल्ली में हाशिम बाबा देता था हथियार
एक खूंखार गैंगस्टर हाशिम बाबा (42) दिल्ली के गोकुलपुरी में बड़ा हुआ, जब उसका परिवार यूपी के अलीगढ़ के पास एक गांव से यहां आया था। 12 वीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ने के बाद वह अपने पिता के जूते बेचने के व्यवसाय में लग गया। 2001 तक, हाशिम स्थानीय गैंगस्टरों के संपर्क में आ गया और उसके खिलाफ पहला मामला 2002 में दर्ज किया गया था। हाशिम की मुलाकात 2019 में तिहाड़ जेल में लॉरेंस से हुई । दोनों ने विरोधी गिरोहों के प्रभाव को कम करने के लिए गठबंधन बनाया। सौदे के हिस्से के रूप में, दिल्ली में बिश्नोई के गिरोह को बाबा से हथियार मिलने शुरू हो गए।

हाशिम बाबा ने फैलाया लॉरेंस का दिल्ली में नेटवर्क
पूर्वी दिल्ली के गैंगस्टर हाशिम बाबा के शूटर शाहरूख ने दिल्ली में लारेंस के नेटवर्क को फैलाने में काफी मदद की। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 2022 में शाहरूख के भाई साहिल को पकड़ा था। इसके बाद इसके दो गुर्गे विनोद थापा उर्फ डेनी व अमन पकड़े गए थे। इसके बाद स्पेशल सेल ने शाहरूख को पकड़ा था। उस समय शाहरूख ने खुले तौर पर लॉरेंस के नाम का लिया था। हाल ही में दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-एक में हुई जिम मालिक नादिर शाह की हत्या में लॉरेंस व हाशिम बाबा का नाम सामने आया है। नादिर शाह के एक जानकार ने भी शाहरूख के खिलाफ हत्या के प्रयास के एक मामले में कोर्ट में गवाही दी है।

भरतपुर जेल में मोबाइल फोन नहीं चला पाया लॉरेंस
दिल्ली से करीब 200 किलोमीटर दूर राजस्थान के भरतपुर की सेवर जेल एकमात्र ऐसी जेल है, जिसमें देश के टॉप-10 गैंगस्टर में शुमार लारेंस बिश्रोई मोबाइल फोन नहीं चला पाया था। इस जेल में उसका ज्यादा बदमाशों से संपर्क भी नहीं हो पाया था। पूछताछ में गैंगस्टर लारेंस ने खुद ये बात कबूल की थी। उसे चालान पर अजमेर जेल से भरतपुर जेल भेजा गया था। उस समय वह अपने गिरोह के सदस्यों से फोन पर संपर्क में नहीं था। जब वह भरतपुर जेल में था उस समय उसका भरोसेमंद साथी संपत नेहरा, दीपक टीनू के साथ मिलकर खुलेआम अंडरग्राउंड अपराध कर रहा था।

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