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करोड़ों की ठगी का आरोपी बर्खास्त मैनेजर गिरफ्तार
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 24 Feb 2014 12:59 AM IST
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क्राइम ब्रांच ने सिंडिकेट बैंक के बर्खास्त मैनेजर ललित सिंघल को गिरफ्तार कर लिया है। मैनेजर पर भोजपुर थाना क्षेत्र के आठ गांवों के 200 से ज्यादा किसानों केनाम पर फर्जी तरीके से 3.62 करोड़ रुपये लोन निकालने का आरोप है।
वर्ष 2006-07 में भोजपुर तलहेटा में सिंडिकेट बैंक की शाखा में मैनेजर रहते हुए उसने फर्जीवाड़ा किया था। ललित के खिलाफ 8 सितंबर 10 को भोजपुर के 186 लोगों ने रिपोर्ट लिखाई। इस पर सस्पेंड कर बरेली भेज दिया गया।
आरोपी पाए जाने पर 26 अक्तूबर 10 को बर्खास्त कर दिया गया। तब से यह भागा हुआ था। एसपी सिटी शिव हरि मीणा ने बताया कि ललित मुजफ्फरनगर के गंगारामपुर का रहने वाला है।
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मेरठ में थापरनगर से रविवार को गिरफ्तार किया गया। वहां वह रिश्तेदार के घर रह रहा था। इसके साथी आनंद सिंघल निवासी चूड़ियाला भोजपुर इन दिनों जमानत पर है।
इनके साथी आरोपी अज्ञात फील्ड आफिसर की तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच प्रभारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि ललित ने बैंक से लोन के 86 दस्तावेज तो खुद ही भरे हुए थे। हैंड राइटिंग मिली है।
ऐसे किया फर्जीवाड़ा
क्राइम ब्रांच प्रभारी ने बताया कि वर्ष 2006-07 में केंद्र सरकार ने किसानों के बैंक एकाउंट खुलवाकर गन्ने का भुगतान उनके एकाउंट में करना शुरू किया। इसके तहत भोजपुर क्षेत्र के तलहेटा, शकरपुर, मुरादाबाद, चूड़ियाला, सैदपुर आदि करीब 8 गांवों के किसानों बैंक में खाते खुलवाए गए।
किसानों के हस्ताक्षर हुए दस्तावेज बैंक में जमा हुए। इस दौरान ललित सिंघल भोजपुर के तलहेटा में सिडिकेट बैंक शाखा का मैनेजर था। उसने चूड़ियाला गांव के ही आनंद सिंघल के साथ मिलकर किसानों के दस्तावेजों और हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर उन्हें फर्जी लोन दिला दिया।
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वर्ष 2006-07 में भोजपुर तलहेटा में सिंडिकेट बैंक की शाखा में मैनेजर रहते हुए उसने फर्जीवाड़ा किया था। ललित के खिलाफ 8 सितंबर 10 को भोजपुर के 186 लोगों ने रिपोर्ट लिखाई। इस पर सस्पेंड कर बरेली भेज दिया गया।
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आरोपी पाए जाने पर 26 अक्तूबर 10 को बर्खास्त कर दिया गया। तब से यह भागा हुआ था। एसपी सिटी शिव हरि मीणा ने बताया कि ललित मुजफ्फरनगर के गंगारामपुर का रहने वाला है।
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मेरठ में थापरनगर से रविवार को गिरफ्तार किया गया। वहां वह रिश्तेदार के घर रह रहा था। इसके साथी आनंद सिंघल निवासी चूड़ियाला भोजपुर इन दिनों जमानत पर है।
इनके साथी आरोपी अज्ञात फील्ड आफिसर की तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच प्रभारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि ललित ने बैंक से लोन के 86 दस्तावेज तो खुद ही भरे हुए थे। हैंड राइटिंग मिली है।
ऐसे किया फर्जीवाड़ा
क्राइम ब्रांच प्रभारी ने बताया कि वर्ष 2006-07 में केंद्र सरकार ने किसानों के बैंक एकाउंट खुलवाकर गन्ने का भुगतान उनके एकाउंट में करना शुरू किया। इसके तहत भोजपुर क्षेत्र के तलहेटा, शकरपुर, मुरादाबाद, चूड़ियाला, सैदपुर आदि करीब 8 गांवों के किसानों बैंक में खाते खुलवाए गए।
किसानों के हस्ताक्षर हुए दस्तावेज बैंक में जमा हुए। इस दौरान ललित सिंघल भोजपुर के तलहेटा में सिडिकेट बैंक शाखा का मैनेजर था। उसने चूड़ियाला गांव के ही आनंद सिंघल के साथ मिलकर किसानों के दस्तावेजों और हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर उन्हें फर्जी लोन दिला दिया।