रूपेश के भाई बोले, ड्रग्स माफिया के खिलाफ उठाते रहेंगे आवाज, सीबीआई जांच व मुआवजे की मांग
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रूपेश बसोया और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए शनिवार शाम तैमूर नगर में दिल्ली-एनसीआर के 360 गांवों की महापंचायत हुई। इसमें दिल्ली, यूपी, हरियाणा और जम्मू एवं कश्मीर के लोगों ने हिस्सा लिया। महापंचायत में रूपेश को शहीद का दर्जा देने, तैमूर नगर में नशे का कारोबार बंद कराने, झुग्गियों को तुरंत हटाने और हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई। महापंचायत में पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी, आप के कई विधायकों के अलावा कई भाजपा नेता मौजूद रहे। महापंचायत की वजह से तैमूर नगर मेन रोड पूरी तरह बंद रहा।
उमेश बसोया ने कहा जारी रहेगी जंग
रूपेश के बड़े भाई उमेश ने कहा कि ड्रग्स माफिया के खिलाफ वह लगातार आवाज उठाते रहेंगे। वह देश की युवा पीढ़ी को बर्बाद होते हुए नहीं देख सकतें। उमेश ने कहा कि तैमूर नगर की झुग्गियों में अब भी नशे का धंधा हो रहा है। बाहर से लोग नशा खरीदने आ रहे हैं। पुलिस को इन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। महापंचायत के दौरान पुलिस उपायुक्त के अलावा कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
एनसीआर से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
शनिवार शाम 4:00 बजे तैमूर नगर मेन रोड पर बुलाई गई महापंचायत में दिल्ली-एनसीआर के 360 गांवों के लोगों को बुलाया गया था। इसमें लोगों की भारी भीड़ जुटी। पश्चिमी उत्तर-प्रदेश के मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मथुरा, फरीदाबाद, पलवल, महेंद्रगढ़, सोनीपत, पानीपत के अलावा कई अन्य जगहों से लोग पहुंचे।
गुरुद्वारा चौक का नाम शहीद रूपेश बसोया के नाम पर रखने की मांग
ये रखी गई मांगें
महापंचायत में मांग की गई कि रूपेश के बच्चों को मुफ्त शिक्षा, उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने के साथ मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। दूसरी ओर, केंद्र व दिल्ली सरकार परिवार की आर्थिक मदद भी करे। महापंचायत में लोगों ने तैमूर नगर में नशे के कारोबार को तुरंत बंद कराने, पूरे थाने को निलंबित करने, झुग्गियों को तुरंत हटवाने, नशे का धंधा करने वाले लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग उठाई।
जल्द न्याय दिलाने का भरोसा
सांसद महेश गिरी ने सभी मांगें गृह मंत्री राजनाथ सिंह तक पहुंचाने और परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान आप विधायक मदनलाल, अमानतुल्लाह खान, सहीराम पहलवान, अवतार सिंह कालका, भाजपा नेता रामबीर सिंह बिधूड़ी, धीर सिंह बिधूड़ी, कई निगम पार्षद व एसडीएमसी सदस्य मौजूद रहे।
परिवार को मिले पुलिस की सुरक्षा
धीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि रूपेश और उसके बड़े भाई उमेश बसोया ड्रग्स माफिया के खिलाफ काफी समय से आवाज उठा रहे थे। रूपेश को जान-बूझकर निशाना बनाया गया है। उमेश आरडब्ल्यूए प्रधान है और उसकी जंग जारी है, इसलिए उसकी जान को भी खतरा है। लिहाजा दिल्ली पुलिस फौरन पूरे परिवार और उमेश को सुरक्षा मुहैया कराए। धीर सिंह ने बताया कि पुलिस आयुक्त और सांसद महेश गिरी ने इस मांग पर परिवार को न्याय व सुरक्षा दिलाने का वादा किया है।
धीर सिंह बिधूड़ी के मुताबिक, पंचायत में मांग की गई कि तैमूर नगर मेन रोड का नाम बदलकर रूपेश बसोया रोड रखा जाए। इसके अलावा, गुरुद्वारा चौक का नाम रूपेश बसोया के नाम पर रखा जाए। परिवार ने मांग की कि रूपेश ने नशे के खिलाफ आवाज उठाते हुए अपनी जान गंवाई, लिहाजा उसे शहीद का दर्जा भी दिया जाए। जिस तरह राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर देश के सिपाहियों को सम्मानित करते हैं, उसी तरह रूपेश को भी सम्मानित किया जाए।