'भाग सको तो भागो, वरना ये लोग मार डालेंगे'
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28 सितंबर की रात को जब बिसाहड़ा गांव में इकलाख के परिवार पर हमला हुआ था तो आरोपियों ने इकलाख को घर से निकालकर गली में खींच लिया था।
उस वक्त भीड़ में मौजूद एक शख्स ने आवाज दी थी कि इकलाख भाग सको तो भाग जाओ, नहीं हो यह लोग मार डालेंगे। दरअसल, रात में भीड़ जब इकलाख के घर में घुसी तो ज्यादातर गांव के लोग सो रहे थे।
चीखने चिल्लाने की आवाज से पहले तो ऐसा लगा कि कहीं बदमाश गांव में घुस आए हैं और लूटपाट और मारपीट कर रहे हैं। लेकिन थोड़ी ही देर में पता चल गया कि गांव के कुछ लोगों ने इकलाख के घर पर हमला कर दिया है।
इकलाख के साथ उठना बैठना था, हर रोज एक दूसरे से मिलते थे
नाम न छापने की शर्त पर मौके पर मौजूद एक शख्स ने बताया कि उसका इकलाख के साथ उठना बैठना था। हर रोज एक दूसरे से मिलते जुलते रहते थे।
लिहाजा जब घर से निकालकर उसे गलियों में घसीटा जा रहा था, तो उस वक्त उसने हिम्मत करके कहा कि इकलाख अपनी जान बचाकर भाग जाओ। इतने में हमला कर रही भीड़ ने यही कहा कि पहले इसी को सबक सिखा दो।
शख्स ने बताया कि उसे खुद वहां से बचकर भागना पड़ा और सौ नंबर पर फोन भी किया लेकिन तब तक पुलिस आ चुकी थी। घटना के बाद वह सारी रात सो नहीं सका।