{"_id":"5e03fce98ebc3e87e86b2489","slug":"rss-justifies-feroz-s-withdrawal-from-bhu-department-of-religion-sciences","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू के विद्या धर्म विज्ञान विभाग से फिरोज के हटने को आरएसएस ने सही ठहराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू के विद्या धर्म विज्ञान विभाग से फिरोज के हटने को आरएसएस ने सही ठहराया
Thu, 26 Dec 2019 05:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 26 Dec 2019 05:50 AM IST
विज्ञापन
बीएचयू
- फोटो : BHU
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारी कृष्ण गोपाल ने बनारस हिंदू विश्व विद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान विभाग में फिरोज खान की नियुक्त किए जाने के बाद उसे हटाए जान को सही ठहराया है। संघ ने एक बार फिर से संकेत दिए हैं कि यहां पढ़ाने का अधिकार केवल हिंदुओं का है।
विज्ञापन
बीएचयू के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की 158वीं जयंती के अवसर पर राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में आरएसएस के सहसरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने कहा कि यह विभाग हिंदुओं के संस्कार को पढ़ाने के लिए है।
विज्ञापन
साल 1916 में बीएचयू की स्थापना से पहले ही 1915 में संसद में एक कानून पारित हुआ था। इसमें दो धाराएं थी। एक हिंदू विद्यार्थियों के लिए धार्मिक शिक्षा अनिवार्य होगी और दूसरी गैर हिंदू विश्वविद्यालय की समिति का सदस्य होगा। बाद में दोनों ही हटा दिए गए थे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस विभाग का उद्देश्य हिंदू बच्चों को धार्मिक शिक्षा देने का था। जिन्हें हिंदू संस्कारों और धर्म पर रुचि है उन्हें यहां आना चाहिए और पढ़ाना चाहिए।
साल 1952 तक हर बीएचयू के विभाग में हिंदू विद्यार्थियों के लिए धार्मिक शिक्षा अनिवार्य थी, लेकिन बाद में यह वैकल्पिक हो गई। लेकिन संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान विभाग में यह जारी रही।
गोपाल ने बताया कि विश्वविद्यालय में अलग से संस्कृत विभाग है, यहां चाहे ईसाई पढ़ाए या फिर मुसलमान किसी को कोई फर्क नहीं पढ़ता। लेकिन महामना के समय से ही संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान विभाग में वही पढ़ा सकता है जो कि हिंदू संस्कारों को पालन कर सकता हो।