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गरीबों का इलाज नहीं तो खैर नहीं, इन 5 बड़े अस्पतालों को मिला 600 करोड़ रुपये का नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 30 May 2018 11:45 AM IST
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दिल्ली सरकार ने गरीबों का इलाज न करने पर राजधानी के पांच बड़े अस्पतालों को 600 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है। इन्हें एक माह के भीतर जुर्माना राशि जमा कराने को कहा गया है। दिल्ली स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. कीर्ति भूषण ने बताया कि पिछले वर्ष विधानसभा कमेटी ने निरीक्षण के दौरान ईडब्ल्यूएस कैटेगरी को लेकर कई खामियां उजागर की थीं।
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विधायक सौरभ भारद्वाज की अध्यक्षता में कमेटी ने पांच अस्पतालों का निरीक्षण किया था। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली सरकार ने साकेत स्थित मैक्स अस्पताल पर 11 करोड़, पुष्पावती सिंघानिया हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट पर 10.6 करोड़, धर्मशिला कैंसर अस्पताल पर 17.8 करोड़, शांति मुकुंद अस्पताल पर 36.3 करोड़ और एस्कॉटर्स ओखला पर 503 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।
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इसके बाद अस्पतालों से जवाब भी तलब किया गया। इस प्रक्रिया में कई माह गुजरने के बाद विभाग ने मंगलवार देर शाम पांच अस्पताल को 600 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का नोटिस दिया है। जुर्माना भरने के लिए अस्पतालों को एक माह का वक्त भी दिया गया है।
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कोर्ट में चल रहा है मामला
पुष्पवती सिंघानिया अस्पताल के अनुसार करीब पांच माह पहले ही इस मामले को कोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है। तीन बार कोर्ट में सुनवाई भी हो चुकी है। इसे बारे में महानिदेशक डॉ. कीर्तिभूषण का कहना है कि दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए ही मंगलवार देर शाम नोटिस भेज दिया है।