फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Rouse Avenue Court comment on Brij Bhushan bail said that allegations are serious

Brij Bhushan Singh: राउज एवेन्यू कोर्ट की टिप्पणी, बृज भूषण पर आरोप गंभीर... अभी गिरफ्तारी से कुछ नहीं होगा

Fri, 21 Jul 2023 04:20 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Fri, 21 Jul 2023 04:20 PM IST
सार

राउज एवेन्यू कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप गंभीर थे, लेकिन अभी उनकी गिरफ्तारी से कुछ भी नहीं होगा। उन्होंने जांच में हमेशा सहयोग किया।

विज्ञापन
Rouse Avenue Court comment on Brij Bhushan bail said that allegations are serious
भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह। - फोटो : amar ujala

विस्तार

दिल्ली की एक कोर्ट ने निवर्तमान डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के निलंबित सहायक सचिव विनोद तोमर को जमानत दे दी थी। शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप गंभीर थे, लेकिन इस स्तर पर उन्हें हिरासत में लेने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

विज्ञापन

कोर्ट ने की जमानत मंजूरी पर टिप्पणी
जानकारी के लिए बता दें कि कोर्ट ने गुरुवार को छह बार के भाजपा सांसद बृज भूषण को नियमित जमानत दे दी और विनोद तोमर की जमानत याचिका भी मंजूर कर ली। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल ने नौ पेज के आदेश में ये टिप्पणियां कीं, जो शुक्रवार को सामने आईं। टिप्पणी में कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर हैं। मेरे विचार में। आरोपों की गंभीरता, इसमें कोई संदेह नहीं है। जमानत आवेदनों पर विचार करते समय प्रासंगिक विचारों में से एक है। लेकिन यह निर्णय लेने के लिए एकमात्र परीक्षण या कारक नहीं है। जब विचाराधीन कैदियों को अनिश्चित काल के लिए जेल में हिरासत में रखा जाता है, तो संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट ने कहा कि उन्होंने जांच में सहयोग किया
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में मेरी सुविचारित राय में इस स्तर पर आरोपी व्यक्तियों को हिरासत में लेने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। अदालत ने कहा कि सिंह और तोमर पर छेड़छाड़/यौन उत्पीड़न का आरोप था, जिसमें अधिकतम सजा सात साल कैद की थी। आगे कहा कि जांच के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने जांच में सहयोग किया। किसी भी स्तर पर जांच एजेंसी ने अतिरिक्त लोक अभियोजक के माध्यम से बोलते हुए यह आशंका व्यक्त नहीं की है कि आरोपी व्यक्ति अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed