अफजल गुरु नहीं रोहित वेमुला है मेरा आदर्श: कन्हैया कुमार
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जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष और हाल ही में देशद्रोह के आरोप के बाद जेल से बाहर आए कन्हैया कुमार ने जेएनयू में प्रेस कांफ्रेस कर पूरे विवाद पर अपने विचार व्यक्त किए।
कन्हैया ने पहले उनका साथ देने वालों और समर्थन करने वालों को धन्यवाद दिया। इसके बाद कन्हैया ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि देशभक्ति पर किसी का पेटेंट नहीं है। कन्हैया ने अफजल गुरू को देश का नागरिक बताया और कहा कि वह उनके लिए आदर्श नहीं है। उनके लिए आदर्श रोहित वेमुला है।
कन्हैया के मुताबिक उमर और अनिर्बन पर देशद्रोह का केस नहीं चलना चाहिए। जेएनयू के बारे में छात्रसंघ अध्यक्ष ने कहा कि कुछ टीवी चैनलों ने जेएनयू की छवि खराब की।
कोर्ट में नहीं चलता छेड़छाड़ वाला वीडियो
जेएनयू का छात्र और यहां के लोग देशद्रोही नहीं है। देशद्रोह और राजद्रोह में फर्क होता है। संविधान के साथ खिलवाड़ करने वालों की साजिश नाकाम रही। कन्हैया ने कहा कि जेएनयू में कुछ काले बादल हैं लेकिन ये लाल सूरज को छिपा नहीं सकते।
एनयू जो आज सोचता है वो समाज कल सोचता है। उन्होंने जेएनयू को संविधान को साथ खड़ा रहने वाला संस्थान है। कन्हैया ने आगे कहा कि उन्हें अदालत और संविधान पर भरोसा है। उनका पीएम से मतभेद है मनभेद नहीं है। इतना ही नहीं रोहित ने केंद्र सरकार को एक पार्टी की सरकार करार दिया।
उन्होंने कहा कि पीए, शिक्षा मंत्री संविधान से चलें। कोर्ट में छेड़छाड़ वाला वीडियो नहीं चलता। कन्हैया ने कहा कि उनका विरोध जारी रहेगा और वे संविधान और लोकतंत्र के दायरे में रहकर विरोध करते रहेंगे। उन्होंने खुद को विद्यार्थी बताया।