बदमाश ने पीड़ित को ही नहीं दी धमकी, चौकी प्रभारी को भी हड़काया
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पांच दिन पहले नंगला गांव में डकैती की वारदात में पैरवी करने वाले ग्रामीण को डकैत ने फोन पर धमकी दी है। धमकी की शिकायत पुलिस से की गई। यही नहीं बताए गए नंबर पर फोन करने पर डकैत ने चौकी प्रभारी को भी हड़काया।
पुलिस ने नंबर के आधार पर बदमाश की तलाश शुरू कर दी है। धमकी की खबर आसपास के गांवों में भी फैलने से लोगों में डर व्याप्त है। वहीं संबंधित गांव में दो सिपाही तैनात कर दिए हैं। पुलिस ने बताया कि 15 नवंबर को कोतवाली दादरी के गांव नंगला नैनसुख में डकैतों ने श्यौराज के घर पर डकैती डाली थी।
जिसमें छात्र अमित की हत्या कर दी गई थी। वहीं गांव में मेघराज और कर्मवीर के घर पर डकैती का प्रयास किया गया था। लेकिन एक महिला के जागने के चलते शोर मचाने पर उनको भागना पड़ा था। डकैती के मामले में तीनों परिवारों के लोग पैरवी कर रहे है।
‘बहुत शोर मचाते हो और पुलिस कार्रवाई करा रहे हो,
पुलिस पर डकैतों की गिरफ्तार के लिए लगातार दबाव बढ़ने दो दिन पहले बदमाशों ने एक पीड़ित ग्रामीण के पास उसके मोबाइल फोन पर कॉल किया है कि ‘बहुत शोर मचाते हो और पुलिस कार्रवाई करा रहे हो, दोबारा आकर सबक सिखाएं’।
फोन पर बदमाशों की धमकी आने पर ग्रामीण दहशत में आ गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। ग्रामीणों ने चौकी पर तैनात दरोगा ने ग्रामीणों द्वारा दिए नंबर पर फोन किया तो उसको भी नहीं बख्शा। उसको भी सबक सिखाने की धमकी दे डाली।
मामले की जानकारी आला अधिकारियों को दी गई। जिस नंबर से बदमाशों द्वारा फोन कर धमकी दी जा रही है उस नंबर के आधार पर बदमाशों की तलाश की जा रही है। ग्रामीण दहशत में आने के चलते गांव में दो पुलिस कर्मी रात के समय तैनात कर दिए गए हैं।
वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि जो पुलिसकर्मी रात के समय गश्त के लिए आते हैं वह किसी न किसी किसान के घेर में जाकर सो जाते हैं। दहशत के चलते ग्रामीणों को रात के समय पहरा लगा रहे हैं। वहीं कोतवाल होम सिंह यादव से बदमाशों की धमकी के बारे में जानकारी ली तो बताया कि फोन पर बात हुई है। उस नंबर के बारे में पुलिस जांच कर रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।