रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, चाहे वो मुझे कितना भी परेशान कर लें मैं देश नहीं छोड़ूंगा
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हरियाणा में जमीन विवाद को लेकर चर्चा में रहे गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए साक्षात्कार में कई विषयों पर अपनी राय रखते हुए स्पष्ट किया है कि चाहे कुछ भी हो वो अपना देश छोड़कर नहीं जाएंगे।
जब उनसे मौजूदा सरकार व देश के व्यापारियों की हालत के बारे में पूछा गया तो बोले कि उनकी कामना है कि सरकार बेहतरीन काम करे लेकिन उन्हें लगता है कि लोग विद्रोह करेंगे और समझेंगे कि क्या सही है और क्या गलत।
वाड्रा मानते हैं कि देश में अधिकतर व्यापारी परेशान हैं। लेकिन वो आवाज उठाएंगे और जल्द ही अपनी राय रखना शुरू करेंगे। जब रॉबर्ट वाड्रा से देशभर में चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम एक विविध राष्ट्र हैं, लोग अपनी आवाज उठाते हैं और हमें इसे स्वीकार करना ही होगा। युवाओं के पास हमेशा ही कहने को कुछ होता है।
वो आगे कहते हैं कि कोई नहीं कहता कि राष्ट्र के खिलाफ जाओ लेकिन हर किसी का अपना सोचने का तरीका होता है। हम युवाओं को नीचा नहीं दिखा सकते या उन्हें अपनी शर्तों पर नहीं चला सकते।
'जब अंतर्मन से आएगी आवाज तब राजनीति में आने की सोचूंगा'
जब वाड्रा से देशभक्ति पर और उनपर लगाए जाने वाले आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ-साफ कहा कि मैं कभी अपना देश नहीं छोड़ूंगा, चाहे मुझे कितना भी बेईज्जत किया जाए। चाहे वो मेरे बारे में कितना भी कुछ कहें।
गांधी परिवार के दामाद वाड्रा से जब राजनीति में आने की बात पूछी गई तो उल्टा उन्होंने ही सवाल कर दिया कि आखिर मैं राजनीति में कैसे कदम रख सकता हूं, क्या सिर्फ इसलिए कि मैं गांधी परिवार का हिस्सा हूं?
उन्होंने कहा कि जब मुझे लगेगा कि मैं लोगों के लिए काम कर सकता हूं और जब मेरे अंतर्मन से आवाज आएगी तब ही वो समय होगा जब मैं राजनीति में प्रवेश करने की सोचूंगा। आप ऐसा कभी नहीं कह सकते कि आप कोई काम 'कभी नहीं' करेंगे। इसलिए देखते हैं कि भविष्य ने मेरे लिए क्या सोच रखा है।
'अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए मुझे प्रियंका की जरूरत नहीं है'
बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका गांधी के दो बच्चे हैं। इन्हीं के विषय में जब वाड्रा से पूछा गया तो वो एक पिता के रूप में जवाब देते हुए बोले कि मेरे समय में 50-60 प्रतिशत मार्क्स भी काफी होते थे, लेकिन अब मैं अपने बच्चों से कहता हूं कि 90 प्रतिशत मार्क्स से कम कुछ नहीं चलेगा।
राजनीति में सक्रियता के सवाल पर वाड्रा बोले कि यह मायने नहीं रखता कि मैं राजनीति में हूं या नहीं, मैं उन विषयों पर सोशल मीडिया में लिखता रहता हूं जो संवेदनशील होते हैं।
गांधी परिवार के बारे में सवाल किए जाने पर वाड्रा बहुत ही साफगोई से कहते हैं कि मेरे पास एक बहुत ही मजबूत और अच्छा परिवार है। मैं सच जानता हूं और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं अपने बारे में क्या पढ़ता हूं।
जब उनसे पूछा गया कि उन पर अकसर आरोप लगते रहते हैं कि उनका व्यापार में तेजी से आगे बढने की मुख्य वजह प्रियंका गांधी हैं तो इस पर उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने और उसे आगे बढ़ाने के लिए उन्हें प्रियंका की जरूरत नहीं है। उन्हें लगता है कि उनके पास अपना काफी कुछ है। वो कहते हैं कि उनके माता-पिता ने उनके लिए काफी कुछ किया है और उन्हें इसके अलावा किसी के सहयोग की जरूरत नहीं है।