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चुनाव के दिन रोडवेज की बसें बनेंगी सहारा
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 08 Apr 2014 07:57 PM IST
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चुनाव के दिन 10 अप्रैल को रोडवेज की बसें सफर में सहारा बनेंगी। चुनाव आचार संहिता के कारण दूसरे निजी और कमर्शियल वाहनों के लिए निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है।
रोडवेज ने सार्वजनिक परिवहन के साधनों की कमी को देखते इंतजाम तो किए हैं, लेकिन छुट्टी और चुनाव के कारण सेवा कम रहने का अंदेशा जताया जा रहा है।
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रोडवेज के बेड़े में 160 सिटी बसें और 200 के करीब अंतर्राज्यीय और अंतरजिला सेवा की बसें हैं। सिटी बसों को दो शिफ्टों में चलाया जाता है। डिपो के मुख्य निरीक्षक नवनीत बजाज ने कहा कि फिलहाल पोलिंग पार्टियों के लिए रोडवेज की बसें नहीं दी गई हैं।
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पुलिस पेट्रोलिंग के लिए तीन सिटी बसें दी गई हैं। इन बसों का इस्तेमाल आपातकाल में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतदान के कारण सुबह सेवा थोड़ी देर से शुरू हो सकती है। इस दौरान सेवा धीमी रहने की आशंका है। लंबे रूटों की कुछ सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
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प्रबंधन ने अपनी तरफ से यात्रियों की सहूलियत को देखते हुए बेहतर इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि छुट्टी के कारण इस दिन भीड़ भी कम ही रहेगी। लोग मतदान में व्यस्त रहेंगे। सुबह 10 या 11 बजे के बाद ही लोग आवाजाही करेंगे। इस समय तक यात्रियों को रोडवेज की पर्याप्त बसें मिलेंगी।
दूसरी ओर, आरटीए के सचिव दलबीर सिंह ने बताया कि निजी स्कूलों, ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंसियों से करीब 2000 वाहनों की मांग की गई है। इनमें छोटे-बड़े सभी वाहन शामिल हैं। पोलिंग पार्टियों के सदस्यों की संख्या को देखते हुए उन्हें उचित वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। पोलिंग पार्टियां बुधवार को दोपहर बाद रवाना होंगी।
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रोडवेज ने सार्वजनिक परिवहन के साधनों की कमी को देखते इंतजाम तो किए हैं, लेकिन छुट्टी और चुनाव के कारण सेवा कम रहने का अंदेशा जताया जा रहा है।
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रोडवेज के बेड़े में 160 सिटी बसें और 200 के करीब अंतर्राज्यीय और अंतरजिला सेवा की बसें हैं। सिटी बसों को दो शिफ्टों में चलाया जाता है। डिपो के मुख्य निरीक्षक नवनीत बजाज ने कहा कि फिलहाल पोलिंग पार्टियों के लिए रोडवेज की बसें नहीं दी गई हैं।
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पुलिस पेट्रोलिंग के लिए तीन सिटी बसें दी गई हैं। इन बसों का इस्तेमाल आपातकाल में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतदान के कारण सुबह सेवा थोड़ी देर से शुरू हो सकती है। इस दौरान सेवा धीमी रहने की आशंका है। लंबे रूटों की कुछ सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
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प्रबंधन ने अपनी तरफ से यात्रियों की सहूलियत को देखते हुए बेहतर इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि छुट्टी के कारण इस दिन भीड़ भी कम ही रहेगी। लोग मतदान में व्यस्त रहेंगे। सुबह 10 या 11 बजे के बाद ही लोग आवाजाही करेंगे। इस समय तक यात्रियों को रोडवेज की पर्याप्त बसें मिलेंगी।
दूसरी ओर, आरटीए के सचिव दलबीर सिंह ने बताया कि निजी स्कूलों, ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंसियों से करीब 2000 वाहनों की मांग की गई है। इनमें छोटे-बड़े सभी वाहन शामिल हैं। पोलिंग पार्टियों के सदस्यों की संख्या को देखते हुए उन्हें उचित वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। पोलिंग पार्टियां बुधवार को दोपहर बाद रवाना होंगी।