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आप ने आरएमएल पर लगाए प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप, अस्पताल ने किए खारिज
Thu, 04 Jun 2020 05:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 04 Jun 2020 05:06 AM IST
सार
- राघव चड्ढा ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठाए कई सवाल
- जांच प्रक्रिया पर लगाया प्रश्चचिन्ह
- आरएमएल ने आरोपों को खारिज किया
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राघव चड्ढा
- फोटो : ani
विस्तार
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) को गलत कोरोना टेस्ट रिपोर्ट देने का आरोप मढ़ा है। कहा कि जांच प्रक्रिया को ताक पर रख कर कुछ दिनों में अपने अस्पतालों को चलाया जा रहा है। केंद्र और दिल्ली सरकार से जारी जांच के प्रोटोकॉल, दिशा निर्देश और दिल्ली हाईकोर्ट के दिशा निर्देशों को ताक पर रख कर बीते कुछ दिनों में जो काम किया है, उससे उस अस्पताल ने कहीं न कहीं अपना नाम भी खराब किया है। अपनी पूरी प्रक्रिया पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाया है।
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प्रोटोकॉल के अनुसार और जांच की गुणवता सुनिश्चित रखने के लिए दिल्ली सरकार अस्पतालों द्वारा जांच किए गए कुछ नमूनों का समय-समय पर दोबारा जांच कराती है। उसी कड़ी में आरएमएल अस्पताल में जांच किए गए कुछ नमूनों की दोबारा जांच कराई गई है। अस्पताल से 30 नमूने लिए गए। इसकी जांच अस्पताल कर चुका था और रिपोर्ट में सभी को कोरोना पॉजिटिव बताया था।
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हमने उसकी दोबारा जांच कराई, तो उसमें से 12 सैंपल निगेटिव निकले और दो सैंपलों में कोई नतीजा नहीं निकला। अस्पताल ने एक दिन पहले ही अपनी रिपोर्ट में पॉजिविट बताया था। आरएमएल के परीक्षण में 45 प्रतिशत रिपोर्ट में त्रुटि मिली। यह बेहद चौका देने वाली बात है। उन मरीजों की मानसिक स्थिति, उनके परिवार, पड़ोसियों पर हुए आघात के बारे में सोचें, जब उन्हें यह कहा गया होगा कि आपको कोरोना है।
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इस तरह के झूठे और गलत परिणाम बेहद निंदनीय हैं और यह आरएमएल अस्पताल की लापरवाही को उजागर करता है।उन्होंने यह भी कहा कि आरएमएल अस्पताल ने परीक्षण के 48 घंटे के भीतर कोविड-19 परीक्षण डेटा जमा करने पर दिल्ली सरकार, केंद्र और दिल्ली हाई कोर्ट के मानदंडों का उल्लंघन किया है। चड्ढा ने कहा कि केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली हाई कोर्ट ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि कोविड-19 जांच की रिपोर्ट अगले 48 घंटे के भीतर हर हालत में देनी है।
प्रयास करना है कि 24 घंटे के अंदर ही दे दिया जाए। लेकिन यह दुर्भाग्य है कि आरएमएल अस्पताल ने इन प्रोटोकॉल का पूरी तरह से उल्लंघन किया है। आईसीएमआर की डेटा के अनुसार, आरएमएल अस्पताल ने जांच रिपोर्ट कभी 72 घंटे, कभी 6 दिन या 7 दिन या 10 दिन और कभी 31 दिनों के बाद रिपोर्ट दे रहा है। जिन लोगों को तीन दिन बाद रिपोर्ट मिली उनकी संख्या 281 है।
चार दिन बाद 210 लोगों को रिपोर्ट मिली, एक सप्ताह बाद 50 लोगों को रिपोर्ट मिली। चार लोगों को 9 दिनों के बाद रिपोर्ट मिली और कुछ लोगों को 31 दिनों के बाद रिपोर्ट मिली। ऐसा उल्लंघन अस्वीकार्य है, क्योंकि इससे बीमारी का प्रसार होगा।
क्योंकि जिन लोगों के परिणाम लंबित हैं वे कई अन्य लोगों से मिल सकते हैं और यदि व्यक्ति कोरोना संक्रमित है, तो बीमारी फैल सकती है। दिल्ली सरकार से आरएमएल अस्पताल के खिलाफ सरकारी नियमों का उल्लंघन करने के लिए कड़े कदम उठाने का अपील करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि तमाम बड़े-बडे विश्व प्रसिद्ध महामारी विशेषज्ञों और विश्व स्वास्थ्य संगठनों, आईसीएमआर के दिग्गजों ने भी यही कही है कि जांच सबसे महत्वपूर्ण है। इस बीमारी की जांच करना ही इस बीमारी से लड़ने का एकमात्र तरीका है।
आप के आरोप बेबुनियाद, अस्पताल की मेहनत पर सवाल करना गलत : आरएमएल
कोरोना वायरस की जांच और उपचार को लेकर आम आदमी पार्टी के आरोपों पर केंद्र सरकार के आरएमएल अस्पताल ने कड़े शब्दों में खंडन किया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार रात दिन मेहनत करने के बाद भी कोरोना योद्घाओं पर इस तरह झूठे आरोप लगाना गलत है। अस्पताल में कोरोना वायरस की जांच गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते।