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प्रदूषण: सांसदों के पास समय नहीं, इधर रिटायर्ड जवानों ने तैयार किया एयर प्यूरीफाइंग टावर
Fri, 15 Nov 2019 08:29 PM IST
Avdhesh Kumar
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 15 Nov 2019 08:29 PM IST
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प्रदूषण का धुंध
- फोटो : एएनआई
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का वायु प्रदूषण खतरनाक स्थिति में पहुंच रहा है। हालत यह है कि स्कूलों में अवकाश घोषित करना पड़ा। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जब केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने संसदीय समिति की बैठक बुलाई तो उसमें अधिकांश सांसद नहीं पहुंचे। सांसदों के अलावा दिल्ली के तीनों नगर निगमों के आयुक्त, डीडीए के उपाध्यक्ष और पर्यावरण विभाग के सचिव व संयुक्त सचिव भी बैठक में अनुपस्थित रहे।
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दूसरी ओर, केंद्रीय सुरक्षा बलों के रिटायर्ड कर्मियों ने दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक प्लान तैयार किया है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में एयर प्यूरीफाइंग टावर लगाने का निर्देश दिया है। खास बात है कि सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्देश से पहले ही रिटायर्ड कर्मी दिल्ली की प्रदूषित हवा को साफ करने का एक प्लान तैयार कर चुके हैं।
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बता दें कि संसद की स्थायी समिति में 31 सदस्य हैं। शुक्रवार को समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने समिति की बैठक बुलाई थी। जगदंबिका पाल उस वक्त हैरान रह गए जब बैठक में केवल पांच सदस्य पहुंच सके। सांसदों के अलावा विभागों के जिन अधिकारियों को बैठक में आना था, वे भी नहीं आए।
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अध्यक्ष जगदंबिका पाल के अलावा हुसैन मसूदी, सीआर पाटिल और संजय सिंह आदि सांसद बैठक में पहुंचे थे। नतीजा, बैठक को बीच में ही स्थगित कर दिया गया। पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद गौतम गंभीर भी इस समिति के सदस्य हैं। वे भी बैठक में नहीं पहुंचे। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि जिस वक्त यह बैठक होनी थी, उस दौरान गौतम गंभीर इंदौर में मजे कर रहे थे। बाद में उनका जलेबी खाते हुए एक फोटो भी वायरल हो गया।
समिति के सदस्यों में एमजे अकबर, संजय सिंह, आरके सिन्हा, वाईएस चौधरी, डॉ. तजीन फाफातिमा, अहमद हसन, संजय दत्ताचार्य, रामचरण बोहरा, हीबी इडेन, गौतम गंभीर, सैयद इम्तियाज जलील, शंकर लालवानी, कुमार केतकर, अब्दुल मजीद आरिफ, एसपी सिंह बघेल, संजय कुमार बंदी, कल्याण बनर्जी, बेनी बेहनन, हेमा मालिनी, हसनैन मसूदी, पीसी मोहन, सुधाकर तुकाराम, सुनील कुमार सोनी, जगदंबिका पाल, सीआर पाटिल, सुनील कुमार पिंटू, अदला प्रभाकर रेड्डी, अपराजिता सारंगी और राहुल रमेश शिवाले का नाम शामिल है।
केंद्रीय सुरक्षा बलों से रिटायर हुए कर्मियों ने तैयार किया है स्मॉग टावर बनाने का प्लान...
एक नई राजनीतिक पार्टी, जिसका गठन केंद्रीय सुरक्षा बलों से रिटायर हुए कर्मियों ने किया है, उन्होंने दिल्ली के प्रदूषण से मुक्ति दिलाने की तरकीब बताई है। 'जनता ब्रिगेड पार्टी', जो कि दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनाव में ताल ठोकने की तैयारी कर रही है, उसने अपने घोषणा पत्र में प्रदूषण को लेकर न केवल बातचीत की है, बल्कि उसे कम करने के उपाय भी बताए हैं।
पार्टी के संस्थापक एवं अध्यक्ष पूर्व सैनिक पूर्णचंद आर्य, महासचिव पूर्व सैनिक विनय शर्मा और कोर कमेटी के सदस्य तमल सान्याल का कहना है कि हमने अपने घोषणा पत्र में प्रदूषण की समस्या को लेकर सुझाव और उपकरण, दोनों का जिक्र किया है। अगर राष्ट्रीय राजधानी के चारों तरफ एक किमी चौड़ा जंगल और 53 स्मॉग टावर यानी 'एयर प्यूरीफाइंग टावर' बना दिए जाएं तो दिल्ली को प्रदूषण मुक्त किया जा सकता है। दिल्ली के चारों तरफ एक किमी चौडा जंगल बनाया जाए। इसे रिंग फोरेस्ट भी कहा जा सकता है। इसके लिए केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति का होना जरुरी है। रिंग फोरेस्ट और एयर प्यूरीफाइंग टावर, यदि इस योजना पर गंभीरता से काम किया जाए तो दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के आसपास रह सकता है।
53 एयर प्यूरीफाइंग टावर बना देंगे दिल्ली को प्रदूषण मुक्त...
तमल सान्याल के मुताबिक, दिल्ली में शुद्ध हवा के लिए 53 एयर प्यूरीफाइंग टावर की जरूरत है। ये स्मॉग टावर अलग-अलग क्षमता वाले होते हैं। जैसे चीन में जिन टावर का इस्तेमाल किया जाता है, उनकी लंबाई 50 से सौ मीटर तक होती है। ये टावर दस किलोमीटर के दायरे में हवा को साफ कर देता है। अगर दिल्ली की बात करें तो यहां 53 छोटे स्मॉग टावर लगाने होंगे। यह टावर करीब तीन किलोमीटर के क्षेत्र की हवा को साफ कर सकता है। 40 फीट लंबे और 20 फीट चौड़े ये टावर प्रतिदिन 32 मिलियन क्यूबिक मीटर हवा को साफ करने की क्षमता रखते हैं। 3 किलोमीटर के दायरे में स्वच्छ हवा मिलने का लाभ 75,000 लोगों को मिलेगा। टावर में लगे शोधक सभी कोणों से हवा ग्रहण करेंगे और बदले में प्रति घंटे 13,00,000 घन मीटर स्वच्छ हवा बाहर फेकेंगे। टावर में लगे क्लीनर 99.99 प्रतिशत प्रदूषकों को साफ करने के लिए नौ चरणों में भौतिक फिल्टर के जरिए काम करते हैं। ये फिल्टर पार्टिकुलेट मैटर 10 और ऊपर के कणों को हटा देते हैं। एच 14 ग्रेड वाले फिल्टर (अत्यधिक प्रभावी पार्टिकुलेट एरेस्टेंस) पीएम 2.5 कण (छोटे कण) को 99.99 प्रतिशत तक साफ करने में सक्षम होते हैं।
वायु-शोधक यंत्र इलेक्ट्रिक ग्रिड सौर ऊर्जा पर काम करते हैं...
ये टावर यानी वायु-शोधक इलेक्ट्रिक ग्रिड सौर ऊर्जा पर भी काम करते हैं। चीन के जियान में स्मॉग टावर बड़ी सफलता को देखा जा सकता है। ये टावर 10 मिलियन क्यूबिक मीटर हवा को सफलतापूर्वक साफ करने में सक्षम हैं। छोटे टावर को सिटी क्लीनर भी कहा जाता है। यदि जियान स्मॉग टावर और सिटी क्लीनर के अंतर की बात करें तो सामने आता है कि सिटी क्लीनर चीन के स्मॉग टॉवर से काफी बेहतर है।
चीन का जियान स्मॉग टावर हवा को साफ करने के लिए आयनाइजेशन तकनीक का उपयोग करता है। इसमें हवा का आयनीकरण प्रदूषकों को पूरी तरह नहीं मिटाता है, लेकिन वह ऑक्सीजन से प्रदूषकों को अलग कर देता है। यह समस्या का पर्याप्त समाधान नहीं है। सिटी क्लीनर में हवा का आयनीकरण पूरी तरह प्रदूषकों को खत्म करता है। हमारे देश में ऐसे एक टावर की अनुमानित लागत डेढ़ से दो करोड़ रुपये के बीच है।