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एडीएम-रिटायर्ड कर्नल विवाद: रिपोर्ट दर्ज कराने कुक जाएगा अदालत, चलाया हस्ताक्षर अभियान

Thu, 30 Aug 2018 12:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 30 Aug 2018 12:17 PM IST
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retired colonel and adm dispute in noida, Retired Army officials launch signature campaign

रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान के साथ हुई घटना में एडीएम की गिरफ्तारी, सीओ और इंस्पेक्टर की बर्खास्तगी और न्यायिक जांच की मांगों को लेकर बुधवार शाम को रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। इसमें सेक्टर-29 निवासी रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों के साथ अभियान में नोएडा-ग्रेटर नोएडा के अलावा गाजियाबाद समेत कई शहरों के लोगों ने भाग लिया। हस्ताक्षर अभियान सेक्टर-29 स्थित शहीद स्मारक पर शुरू किया गया जिसमें सबसे पहले रिटायर्ड कर्नल की पत्नी इंदू चौहान ने दस्तखत किए।

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रिटायर्ड सैन्य अफसर-कर्मियों का कहना है कि पुलिस-प्रशासन ने मामले में सही तरीके से कार्रवाई नहीं की। पुलिस-प्रशासन अब एडीएम व उनके परिवार को बचा रहे हैं। एकतरफा कार्रवाई करने वाले सीओ अनित कुमार और इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना को बर्खास्त किया जाए। एडीएम की गिरफ्तारी करके उनकी आय से अधिक संपत्ति की जांच हो। इस मौके पर रिटायर्ड कर्नल सीपी सिंह, रिटायर्ड कर्नल शशि वैद, रिटायर्ड कर्नल वीएन थापर सहित सुनील चौधरी, धर्मवीर प्रधान आदि लोग शामिल रहे। 
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रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कुक जाएगा अदालत
सेक्टर-20 पुलिस ने रिटायर्ड कर्नल के कुक की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। ऐसे में कुक का कहना है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो वह अदालत की शरण में जाएगा। दरअसल, 14 अगस्त को रिटायर्ड कर्नल के साथ घटना हुई थी उसी दिन करीब एक घंटे बाद कुक हरीश लाल और दो अन्य युवकों के साथ मारपीट की गई थी जबकि पुलिस ने तीनों को रिटायर्ड कर्नल के साथ दिखाया था। इसके बाद तीनों को जेल भेज दिया गया था।
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जेल से आने के बाद सोमवार को हरीश रिपोर्ट दर्ज कराने सेक्टर-20 थाने गया था, लेकिन पुलिस ने यह कहकर उसे वापस भेज दिया कि एक  ही मामले की एक ही रिपोर्ट दर्ज होती है। उसमें अन्य व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकती है। जबकि पीड़ित का कहना है कि उसके साथ जो घटना हुई थी वह अलग है। रिटायर्ड कर्नल ने बताया कि हरीश भी दलित है। घटना वाले दिन हरीश और दोनों युवकों से बाद में मारपीट की गई थी। ऐसे में हरीश की ओर से एडीएम के परिचितों के खिलाफ हरिजन एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए।

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