{"_id":"6a60e228ef9fd274810156a3","slug":"response-sought-from-the-centre-on-including-the-hpv-vaccine-in-the-universal-immunization-programme-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-147033-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: एचपीवी वैक्सीन को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल करने पर केंद्र से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: एचपीवी वैक्सीन को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल करने पर केंद्र से मांगा जवाब
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एचपीवी वैक्सीन को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल करने पर केंद्र से जवाब मांगा है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि यह याचिका बहुत गंभीर मुद्दा उठाती है क्योंकि इससे देश की लड़कियों और महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली चिंताएं जुड़ी हुईं हैं। अदालत ने केंद्र सरकार और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है।
डॉ. सुजाता मित्तल द्वारा दायर इस जनहित याचिका में एचपीवी वैक्सीन की लंबी अवधि की सुरक्षा, सूचित सहमति की कमी और प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए वैक्सीन को शामिल करने के फैसले की समीक्षा करने का निर्देश देने की मांग की है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को तय की है।
विज्ञापन
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एचपीवी वैक्सीन को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल करने पर केंद्र से जवाब मांगा है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि यह याचिका बहुत गंभीर मुद्दा उठाती है क्योंकि इससे देश की लड़कियों और महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली चिंताएं जुड़ी हुईं हैं। अदालत ने केंद्र सरकार और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है।
डॉ. सुजाता मित्तल द्वारा दायर इस जनहित याचिका में एचपीवी वैक्सीन की लंबी अवधि की सुरक्षा, सूचित सहमति की कमी और प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए वैक्सीन को शामिल करने के फैसले की समीक्षा करने का निर्देश देने की मांग की है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को तय की है।
विज्ञापन