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Delhi NCR News: मानसिक बीमारी के आधार पर अपहरण आरोपी को राहत
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-मेडिकल बोर्ड ने बताया मुकदमे के लिए अयोग्य, परिवार ने देखभाल में जताई असमर्थता
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।साकेत कोर्ट ने अपहरण के मामले में आरोपी महेंद्र सिंह को मानसिक बीमारी के कारण मुकदमे की कार्यवाही से मुक्त कर दिया है। मेडिकल बोर्ड ने उसे सिजोफ्रेनिया और डिप्रेशन से पीड़ित बताते हुए मुकदमे का सामना करने के लिए अयोग्य पाया। अदालत ने निर्देश दिया है कि आरोपी को इलाज और देखभाल के लिए रोहिणी स्थित मानसिक स्वास्थ्य केंद्र नव चेतना में रखा जाए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी अपने ऊपर लगे आरोपों और कानूनी प्रक्रिया को समझने में सक्षम नहीं है। वह अपना बचाव भी नहीं कर सकता। ऐसे में उस पर मुकदमा चलाना संभव नहीं है। यह मामला 13 अक्तूबर साल 2000 का है। उस दिन मालवीय नगर थाने में सुभाष चंद बत्रा और उनके ड्राइवर संतोष कुमार के अपहरण के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी मामले में महेंद्र सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही थी। अदालत के मुताबिक, इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (इभास) के मेडिकल बोर्ड ने इस साल फरवरी और अगस्त में आरोपी की जांच की थी। रिपोर्ट में उसे लगातार इलाज और देखरेख की जरूरत बताई गई। अदालत ने कहा कि अगर भविष्य में उसकी मानसिक स्थिति में सुधार होता है और वह मुकदमे का सामना करने योग्य हो जाता है, तो अभियोजन पक्ष कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।साकेत कोर्ट ने अपहरण के मामले में आरोपी महेंद्र सिंह को मानसिक बीमारी के कारण मुकदमे की कार्यवाही से मुक्त कर दिया है। मेडिकल बोर्ड ने उसे सिजोफ्रेनिया और डिप्रेशन से पीड़ित बताते हुए मुकदमे का सामना करने के लिए अयोग्य पाया। अदालत ने निर्देश दिया है कि आरोपी को इलाज और देखभाल के लिए रोहिणी स्थित मानसिक स्वास्थ्य केंद्र नव चेतना में रखा जाए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी अपने ऊपर लगे आरोपों और कानूनी प्रक्रिया को समझने में सक्षम नहीं है। वह अपना बचाव भी नहीं कर सकता। ऐसे में उस पर मुकदमा चलाना संभव नहीं है। यह मामला 13 अक्तूबर साल 2000 का है। उस दिन मालवीय नगर थाने में सुभाष चंद बत्रा और उनके ड्राइवर संतोष कुमार के अपहरण के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी मामले में महेंद्र सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही थी। अदालत के मुताबिक, इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (इभास) के मेडिकल बोर्ड ने इस साल फरवरी और अगस्त में आरोपी की जांच की थी। रिपोर्ट में उसे लगातार इलाज और देखरेख की जरूरत बताई गई। अदालत ने कहा कि अगर भविष्य में उसकी मानसिक स्थिति में सुधार होता है और वह मुकदमे का सामना करने योग्य हो जाता है, तो अभियोजन पक्ष कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है।