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Delhi NCR News: पेरोल पर निकली, नाम बदला और 20 साल तक पुलिस को देती रही चकमा, गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 08:39 PM IST
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बच्चे की हत्या में साधना को मिली थी उम्रकैद
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। अपहरण और हत्या के मामले में साधना उर्फ पूजा को उम्रकैद की सजा मिली थी। पेरोल पर जेल से बाहर आई साधना 20 साल से अधिक समय तक फरार रही। रविवार को क्राइम ब्रांच के अंतरराज्यीय प्रकोष्ठ ने उसे हरिद्वार से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, साधना को 27 दिसंबर 2005 को पेरोल मिली थी। पेरोल चिकित्सकीय आधार पर तीन सप्ताह के लिए बढ़ाया गया था। उसे 18 जनवरी 2006 को जेल लौटना था, लेकिन वह वापस नहीं आई। इसके बाद उसने अपनी पहचान बदलकर पूजा नाम रख लिया और अलग-अलग जगहों पर रहकर पुलिस से बचती रही। क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने बताया कि अंतरराज्यीय प्रकोष्ठ की टीम लंबे समय से साधना की तलाश में जुटी थी। पुराने संपर्कों और पारिवारिक संबंधों से मिले सुरागों के आधार पर उसके हरिद्वार में रहने की सूचना मिली। टीम ने 20 सितंबर को उसे गिरफ्तार किया।

10 साल के बच्चे के अपहरण व हत्या में हुई थी उम्रकैद : साधना के खिलाफ थाना आदर्श नगर में 1990 में मामला दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार, 10 वर्षीय बच्चे को छह जनवरी 1990 को आजादपुर टी-प्वाइंट से अगवा किया गया था। बच्चे के अपहरण और हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में साधना और सह-आरोपी राज कुमार को बाद में जहांगीरपुरी से गिरफ्तार किया गया। मुकदमे के दौरान बच्चे के साथ आखिरी बार देखे जाने और साजिश में सक्रिय भूमिका के आधार पर साधना को दोषी ठहराया गया। उसे उम्रकैद की सजा हुई, जिसे अपीलीय अदालत ने भी बरकरार रखा।
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जेल से बाहर आने के बाद रचाई थी शादी : पुलिस के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद साधना ने नोएडा की एक निजी कंपनी में काम किया। वहां उसकी मुलाकात बढ़ई केशव से हुई और दोनों साथ रहने लगे। बाद में वे मुकुंदपुर आ गए। करीब पांच साल तक वहां रहे। इसके बाद दोनों हरिद्वार चले गए। वहां साधना ने मंदिर में केशव से शादी कर ली। दस्तावेजों में उसे अपने पति के रूप में दर्ज कराया। इससे वह अपनी असली पहचान छिपाकर लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बची रही। पुलिस के मुताबिक, साधना की पेरोल की व्यवस्था तिलक नगर निवासी राजकुमार ने की थी। जेल में उसके साथ बंद जांकी नाम की महिला ने भी पेरोल हासिल करने में उसकी मदद की थी।
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