केंद्र की कवायदः विधानसभा चुनाव से पहले ही हाथ में होगी रजिस्ट्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद संजीदा अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के मामले में केंद्र की भाजपा सरकार बैकफुट पर नहीं जाना चाहती।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरफ से रजिस्ट्री मिलने के बाद ही यकीन करने से जुड़े बयान की काट में केंद्र सरकार चुनाव से पहले कुछ लोगों को मालिकाना हक देने की तैयारी में है।
आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि प्रयोग के लिए कुछ लोगों से दस्तावेज जल्द ही लिए जाएंगे। इनकी जांच कर करीब डेढ़ महीने में उनकी रजिस्ट्री भी कर दी जाएगी।
दरअसल, अनधिकृत कॉलोनियों के लोग 16 दिसंबर के बाद डीडीए की नई वेबसाइट पर आवेदन कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि आवेदन के बाद इससे जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने में तीन महीने का समय लगेगा।
बड़ी संख्या में आवेदन आने से उनकी जांच समेत आपत्तियां निपटाने में और भी समय लग सकता है। उधर, दिल्ली में विधानसभा चुनाव जनवरी-फरवरी में होने की उम्मीद है। इससे प्रक्रिया पूरी कर अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों को चुनाव के बाद ही रजिस्ट्री मिल सकेगी।
उधर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आप की कोशिश है कि इसे चुनावी घोषणा साबित कर दिया जाए। उनकी कोशिश इस कवायद को 2008 की कांग्रेस की केंद्र सरकार की घोषणा व प्रोविजनल सर्टिफिकेट बांटने के बराबर खड़ा करने की है। इस बीच कई बार केजरीवाल का बयान आया है कि दिल्लीवालों को बहुत ठगा गया है। अबकी बार रजिस्ट्री के कागज हाथ में आने पर ही वह यकीन करेंगे।
अविवादित संपत्तियों का होगा चुनाव
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पोर्टल इस महीने के आखिर तक तैयार होगा। इसको 16 दिसंबर को लांच किया जाएगा। इस बीच, अनधिकृत कॉलोनियों की कुछ अविवादित संपत्तियों का आवेदन मंगाया जाएगा। भीड़ बढ़ने से रोकने के लिए इस दौरान सभी लोग आवेदन नहीं कर सकेंगे। इसका सेंपल साइज 200-300 का ही रखा गया है। इनकी संपत्तियों की जांच आदि से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर डेढ़ महीने में रजिस्ट्री भी कर दी जाएगी। इससे कॉलोनियों के लोगों की आशंका जाती रहेगी कि मौजूदा सरकार की घोषणा चुनावी है।
डीडीए बनाएगा हेल्प डेस्क, मिलेगी तकनीकी मदद
डीडीए उपाध्यक्ष तरुण कपूर ने बताया कि डीडीए स्थानीय दफ्तरों में 25-30 हेल्प डेस्क खोल रहा है। हर सेंटर पर 2-2 कंप्यूटर व सहायक होंगे। यह 1 दिसंबर से चालू हो जाएंगी। अगर कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहा है तो वह हेल्प डेस्क पर पहुंचकर मदद ले सकेगा। वहीं, डेस्क पर दूसरी जरूरी सूचनाएं लोग ले सकते हैं।
दिल्ली सरकार ने हर कदम पर डाली रुकावट: पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने निर्माण भवन में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला। पुरी के मुताबिक, उनको मंत्री बने करीब ढाई साल हो गए हैं, लेकिन इस बीच दिल्ली सरकार से कोई सहयोग नहीं मिला।
इसकी जगह हर कदम पर रुकावटें डाली गईं। केंद्र की किसी भी पहल पर दिल्ली सरकार का नजरिया नकारात्मक ही रहा है। मसलन, मेट्रो फेज-4 व आरआरटीएस पर दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद ही राजी हुई। इसमें पैसे को लेकर भी अड़चन लगाए हुए है।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मुख्यमंत्री अपना प्रचार करने के लिए तो तैयार रहते हैं, लेकिन जमीन पर उनसे कोई काम नहीं होता। जिम्मेदारी लेने से भी वह भाग निकलते हैं। पुरी के मुताबिक, जब दिल्ली में प्रदूषण कम होता है तो वह अपनी पीठ थपथपाते हैं, जबकि प्रदूषण बढ़ने पर पंजाब व हरियाणा में पराली जलने पर सारा ठीकरा फोड़ देते हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं को मुफ्त में सफर कराने की योजना लेकर आई है। इससे किसी को एतराज नहीं है, लेकिन इससे पहले बसों की संख्या बढ़ानी थी। इस मामले में हालत बहुत खराब हैं। दिल्ली में 11,000 बसें चलनी चाहिए, लेकिन संख्या चार हजार भी नहीं है।