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आवास समस्या दूर करने को दिल्ली की 7 सरकारी कॉलोनियों का होगा पुनर्विकास

Wed, 06 Jul 2016 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 06 Jul 2016 12:49 AM IST
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 Redevelopment of 7 government housing colonies

दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों के रिहायश की समस्या दूर होगी। केंद्र सरकार इसके लिए सात सरकारी कॉलोनियों का पुनर्विकास करेगी। इससे करीब 12 हजार नये मकानों का निर्माण होगा।

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वहीं, दूसरी नागरिक सुविधाओं में भी सुधार होगा। करीब 32,835 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट पांच साल में पूरा हो जाएगा। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है।
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दरअसल, केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय सरकारी कालोनियों के पुनर्विकास की योजना पर काम कर रहा है। मंत्रालय की कोशिश न सिर्फ सरकारी आवास की मांग व पूर्ति के मौजूदा करीब 30 फीसदी के अंतर को पाटने की है, बल्कि पुरानी कॉलोनियों के रखरखाव पर होने वाले भारी खर्च में भी कटौती करना है।

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स्मार्ट सिटी मिशन के तर्ज पर विकास

 Redevelopment of 7 government housing colonies

अधिकारियों के मुताबिक, मंत्रालय ने सात कॉलोनियों के पुनर्विकास की योजना तैयार की गई है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी भी मिल गयी है। पांच साल पूरा होने के बाद राजधानी में सरकारी मकानों की संख्या 12,970 से बढ़कर 25,667 हो जाएगी। खास बात यह कि प्रोजेक्ट की कीमत से अगले तीस साल तक कॉलोनियों का रखरखाव भी किया जाएगा।

सरोजनी नगर, नौरोजी नगर और नेताजी नगर का विकास नेशलन बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) करेगा। जबकि कस्तूरबा नगर, त्यागराज नगर, श्रीनिवासपुरी और मोहम्मदपुर के विकास का जिम्मा सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (सीपीडब्ल्यूडी) पर होगा।

स्मार्ट सिटी मिशन के तर्ज पर नागरिक सुविधाओं का विकास
सरकारी कॉलोनियों के पुनर्विकास में स्मार्ट सिटी मिशन के सभी अवयवों को शामिल किया गया है। मसलन, इसमें सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होगा। निर्माण सामग्री के निपटान के लिये कैंपस में प्लांट लगेगा। डाटा कलेक्शन के लिये केंद्रीय कमांड सेंटर बनेगा। इसी सेंटर से ही सीवेज, लाइटिंग, जलापूर्ति, अग्निशमन, सर्विलांस कैमरे व वाई-फाई सिस्टम की निगरानी होगी।

जमीन बेचकर जुटाया जाएगा धन

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प्रोजेक्ट के लिए धन जुटाने के लिए एनबीसीसी को नौरोजी नगर में 2.97 लाख वर्ग मीटर व्यावसायिक संपत्ति और 5.09 लाख वर्ग मीटर सरोजनी नगर में बेचने का अधिकार दे दिया गया है। हालांकि, भविष्य में फ्लोर एरिया रेश्यो बढ़ाने का अधिकार केंद्र सरकार ने अपने पास ही रखा है। इसके अलावा सभी सातों कॉलोनियों में दुकानों को बेचने का अधिकार भी एनबीसीसी के पास होगा।

फैक्ट फाइल :
बनेंगे टाइप-टू से टाइप फाइव तक के 12,697 नए मकान, कुछ मकानों की संख्या होगी 25,667
मौजूदा निर्माणाधीन क्षेत्र 7.49 लाख वर्ग मीटर से बढ़कर होगा 29.18 लाख वर्ग मीटर
आसपास कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और पार्क आदि दूसरी नागरिक सुविधाओं का 3.25 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में होगा विकास
2.42 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में साउथ एशिया रीजनल ट्रेनिंग सेंटर के साथ वित्त मंत्रालय के लिए 100 बेड के हॉस्टल का भी होगा निर्माण

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