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14 नवंबर को एक साल की होगी रैपिड मेट्रो

Thu, 13 Nov 2014 05:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजला, गुड़गांव Updated Thu, 13 Nov 2014 05:56 PM IST
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Rapid metro first anniver5sary on 14 november.

आज ही के दिन (14 नवंबर) देश की पहली प्राइवेट मेट्रो सेवा रैपिड मेट्रो का साइबर सिटी में परिचालन शुरू हुआ था। रैपिड मेट्रो के आने से नए गुड़गांव के आंतरिक परिवहन व्यवस्था की तस्वीर बदल गई है।

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हजारों लोगों के की राह को रैपिड मेट्रो ने आसान कर दिया है। इसका सबसे अधिक फायदा कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वालों को हो रहा है।

गुड़गांव में रैपिड मेट्रो सेवा की शुरूआत 14 नवंबर, 2013 को हुई थी। इस मेट्रो सेवा ने गुड़गांव के विकास और आधुनिकता में चार चांद लगा दिया। यह देश का पहला शहर है जहां देश की पहली प्राइवेट मेट्रो चल रही है।
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रैपिड मेट्रो के सीईओ संजीव राय का कहना है कि रैपिड मेट्रो के आने से गुड़गांव की आंतरिक परिवहन व्यवस्था में काफी सुधार आया है। इससे न केवल कामकाजी लोगों का लाभ हुआ बल्कि इन क्षेत्रों के रिहायशी इलाकों और अपार्टमेंट में रहने वालों को फायदा हुआ है।
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गुड़गांव में रैपिड मेट्रो डीएमआरसी के शटल के तौर पर चल रही है। डीएमआरसी और रैपिड मेट्रो की टिकटिंग प्रणाली एक जैसी है। दोनों के टोकन और स्मार्ट कार्ड एक दूसरे के यहां मान्य हैं।

गुड़गांव में रैपिड मेट्रो छह स्टेशनों के बीच 5.2 किलोमीटर की दूरी तय कर रही है। रैपिड मेट्रो प्रथम फेज के निर्माण की शुरूआत 11 अगस्त, 2009 को हुआ था। यह प्रोजेक्ट 30 महीने में पूरा हुआ था। मगर इसकी डेडलाइन कई बार आगे बढ़ी।

डेली राइडरशिप औसत 35 हजार
रैपिड मेट्रो की डेली राइडरशिप औसतन 35 हजार है। हालांकि रैपिड मेट्रो प्रबंधन के लक्ष्य से यह काफी कम है। प्रबंधन ने शुरूआत में दावा किया था कि यह राइडरशिप रोजाना 80 हजार की होगी। मगर तमाम प्रयास के बाद भी यह लक्ष्य रैपिड मेट्रो हासिल नहीं कर पा रही है।

घाटे से बचने को बढ़ाया किराया
जब रैपिड मेट्रो का ऑपरेशन शुरू हुआ तो इसका किराया फ्लैट 12 रुपये था। बाद में रैपिड मेट्रो प्रबंधन को लगा कि उनका घाटा हो रहा है तो किराया बढ़ाने के लिए प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार को भेजा। वहां से किराया बढ़ाने को मंजूरी मिली। गत एक अगस्त को रैपिड मेट्रो प्रबंधन ने किराया बढ़ाकर 20 रुपये कर दिया। रैपिड मेट्रो को एक वर्ष की अवधि में कितना राजस्व प्राप्त हुआ इस बारे में रैपिड मेट्रो प्रबंधन की ओर से जानकारी नहीं दी गई।

राइडरशिप बढ़ाने को मशक्कत
रैपिड मेट्रो को शुरू से ही राइडरशिप बढ़ाने के लिए मशक्कत करना पड़ रहा है। इसके लिए प्रबंधन को कई प्रकार के प्रयास करने पड़े। सबसे पहले रैपिड मेट्रो ने नैस्कॉम के साथ मिलकर द्वारका रैपिड मेट्रो स्टेशन से सेपियंट कार्यालय तक बस सेवा शुरू की थी। यात्रियों के टोटे के चलते यह बस सेवा बीच में ही बंद हो गई। इसके अलावा रैपिड मेट्रो ने एंबियंस मॉल से माइक्रोमैक्स मॉल्सरी अवेन्यू तक फ्री-शटल सेवा चला रही है। हाल ही में रैपिड मेट्रो वोडाफोन बेलवेडरे टावर्स और उद्योग विहार के बीच भी शटल बस चलाई जा रही है। इसके बावजूद उम्मीद के मुताबिक रैपिड मेट्रो में यात्रियों की संख्या नहीं बढ़ी है।

एक वर्ष में रैपिड मेट्रो ने यह हासिल किया
-रैपिड मेट्रो ने अब तक 390 हजार किलोमीटर का सफर किया
-अब तक 79 लाख, 36 हजार 176 यात्रियों ने किया सफर
-रैपिड मेट्रो ने 64,156 ट्रिप लगाए हैं
-रैपिड मेट्रो ने पांच लाख, 82 हजार, 156 टोकन बेचे हैं
-अब तक की सबसे अधिक राइडरशिप 42,140 रही है
-फ्री वाईफाई सेवा
-3सी, वोडाफोन और इंडसबैंक के साथ रैपिड मेट्रो का कामर्शियल टाईअप है

रैपिड मेट्रो के स्टेशन
-सिकंदरपुर
-डीएलएफ फेज-2
-वोडाफोन बेलवेडरे टावर
-इंडसलैंड बैंक साइबर सिटी
-माइक्रोमैक्स माल्सरी अवेन्यू
-डीएलएफ फेज-3

रैपिड मेट्रो पर प्रतिक्रिया
रैपिड मेट्रो के आने के बाद गुड़गांव के कॉरपोरेट सेक्टर को सबसे अधिक फायदा हुआ है। पहले दिल्ली से गुड़गांव आने वालों को अपने कार्यालयों तक जाने में काफी समय लगता था। जाम में फंस कर उन्हें अधिक समय लगाना पड़ता था। अब ऐसी स्थिति नहीं है।-अजय चतुर्वेदी (सीईओ बीपीओ कंपनी)

रैपिड मेट्रो के आने से लोगों के समय और धन दोनों की बचत होती है। अब वह बिना समय गंवाए अपने कार्यालयों तक पहुंच रहे हैं। वह कर्मचारियों को कंपनी के गेट तक अपनी सेवाएं दे रही है।-शैलेन्द्र कुमार (मल्टीनेशनल कंपनी अधिकारी)


रैपिड मेट्रो ने सड़क से वाहनों की संख्या घटा दी है। इसके संचालन के बाद हजारों वाहन सड़क से उतर गए हैं। इस कारण प्रदूषण में भी काफी कमी आई है।-राजकुमार सैनी (नौकरीपेशा)

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