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साथ-साथ दौड़ेंगी रैपिड और मेट्रो ट्रेन
अमर उजाला, मोदीनगर
Updated Tue, 23 Jun 2015 09:06 AM IST
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मेरठ में रैपिड ट्रेन और मेट्रो साथ-साथ दौड़ेंगी। रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम की तकनीकी समिति के विशेषज्ञों ने सोमवार को आरआरटीएस कॉरिडोर का दौरा कर फिजिबिलिटी देखी।
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यूपी के पूर्व चीफ सेक्रेटरी योगेंद्र नारायण के नेतृत्व में गठित टीम ने मुरादनगर से मेरठ तक सर्वे किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि परतापुर से दौराला तक बाहर-बाहर ट्रेन नहीं जाएगी।
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शहर के भीतर से ही रैपिड भी चलेगी। कहीं मेट्रो से नीचे अंडरग्राउंड दौड़ेगी तो कहीं अंडरग्राउंड ही मेट्रो के बराबर चलेगी।
अधिकारियों की मानें तो योजनाओं को अगले चार से पांच साल में अमली जामा पहना दिया जाएगा। इसके अलावा गंगनहर कांवड़ मार्ग चौड़ीकरण के लिए भी सर्वे किया गया।
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समिति के चेयरमैन पूर्व चीफ सेक्रेटरी उप्र योगेंद्र नारायण के साथ एनसीआर कमिश्नर कुश वर्मा, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड सचिव बीके त्रिपाठी, चीफ रीजनल प्लानर एनसीआर राजीव मल्होत्रा, मंडलायुक्त मेरठ आलोक सिन्हा, जिलाधिकारी पंकज यादव और सचिव एमडीए सौम्य श्रीवास्तव समेत आठ सदस्यीय टीम ने पूरे आरआरटीएस कॉरिडोर का दौरा किया।
मेरठ में टीम परतापुर से बाईपास होते हुए बेगमपुल पहुंची। इसके बाद सर्किट हाउस में बैठक हुई। योगेंद्र नारायण ने बताया कि टीम ने भ्रमण कर फिजिबिलिटी देखी है।
पूरा ट्रैक तो अंडरग्राउंड ही रहेगा, पर मुरादनगर और मोदीनगर में एनएच 58 पर इतनी सघन आबादी है कि वहां पर एलीवेटेड ट्रैक ही रखना होगा। मुरादनगर बाजार में तीन किमी और मोदीनगर बाजार में पांच किमी तक एलीवेटेड ट्रैक बनेगा।
रैपिड भी शहर के भीतर से ही जाएगी
मेट्रो ट्रेन पर काम कर रही राइट्स और एलएमआरसी की टीम का जोर था कि रैपिड को परतापुर में बाहर ही रोका जाए। दौराला तक यदि ट्रेन ले जानी है तो उसे बाहर-बाहर बाईपास से ले जाया जाए।
सोमवार को आई तकनीकी टीम ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। कहा कि रैपिड शहर के भीतर से ही जाएगी। उसके जो प्रस्तावित स्टेशन हैं, थोड़े बहुत परिवर्तन के साथ ज्यों के त्यों रहेंगे।
शहर में मेट्रो चूंकि कहीं एलीवेटेड है और कहीं अंडरग्राउंड। जबकि रैपिड शहर में पूरी तरह से अंडरग्राउंड है। ऐसे में कहीं रैपिड मेट्रो से ऊपर दौड़ेगी तो कहीं बराबर।
मेट्रो से भी होगी कनेक्टिवटी
रैपिड को मेट्रो ट्रेन से भी कनेक्टिविटी दी जाएगी। दौराला और परतापुर मेें दोनों को कनेक्ट करने का विचार है। मेट्रो से उतरकर यात्री रैपिड ट्रेन में बैठ सकेंगे। इससे पहले मेट्रो का एलाइनमेंट फाइनल हो चुका है और उस पर डीपीआर बनाने का काम चल रहा है।
दुहाई में बनेगा डिपो
रैपिड ट्रेन का डिपो दुहाई में बनेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक यह पूरा प्रोजेक्ट बीस हजार करोड़ रुपये का है। इसकी डीपीआर फाइनल हो चुकी है और बस थोड़ा परिवर्तन उसमें होना है। धन का इंतजाम केन्द्र सरकार कर रही है।
दो जुलाई को रिपोर्ट देगी कमेटी
दो जुलाई को यह कमेटी इंडिया हैबीटेट सेंटर दिल्ली में होने जा रही बैठक में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। बताया जाएगा कि कहां-कहां क्या हो सकता है? खास तौर पर मुरादनगर और मोदीनगर की रिपोर्ट रखी जाएगी। उसके बाद ही प्लान बनेगा। अगले साल तक इस प्लान पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
ऐसे होगा काम
सराय कालेखां से आनंद विहार- प्रथम फेज
आनंद विहार से परतापुर- द्वितीय फेज
परतापुर से दौराला- तृतीय फेज
हाईस्पीड के स्टेशन
मेरठ साउथ, शताब्दीनगर, एचआरएस चौक, बेगमपुल, नौचंदी, शास्त्रीनगर और मोदीपुरम।
मेट्रो के कॉरिडोर
कॉरिडोर एक
स्टेशन- यहां सेएलेवेटिड होगा ट्रैक- परतापुर, पंचवटी, रिठानी, रिठानी वेस्ट
यहां से अंडरग्राउंड शुरू- शताब्दीनगर, देवलोक, माधवपुरम, सिटी रेलवे स्टेशन रोड, लाजपत बाजार, बेगमपुल, गांधी बाग से लेखानगर
यहां से फिर एलीवेटिड - गंगोत्री कालोनी, डौरली, अंसल सिटी, पल्लवपुरम, पल्लवपुरम फेज टू
- इस कॉरिडोर में 10 किमी अंडरग्राउंड और दस किमी एलेवेटिड ट्रैक रहेगा
कॉरिडोर दो, पूरा एलीवेटिड
स्टेशन - रबजबन बाजार, आबूनाला, जीआईसी, शिवाजी रोड, हापुड़ अड्डा, गढ़ अड्डा, जनता नगर, तेजगढ़ी, मेडिकल कालेज, राधा गोविंद, गोकुलपुर
जाम से मुक्ति के लिए बनेगी सर्विस रोड
आरआरटीएस कमेटी ने सुझाया कि जैसे ही रैपिड ट्रेन पर काम शुरू होगा, मेरठ से दिल्ली के बीच एनएच 58 पर यातायात प्रभावित होना शुरू हो जाएगा।
एमडीए सचिव सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि इसके लिए इस हाईवे के दोनों तरफ राजनगर तक 11.50 मीटर की सर्विस रोड बनाई जाएगी। एक तरफ 5.75 सर्विस लेन बनेगी। इससे इस मार्ग पर यातायात सुगम हो सकेगा। केवल इस प्रोजेक्ट में नहीं, बल्कि उसका प्रयोग बाद में भी किया जाएगा।
पुलिस की अटकीं रहीं सांसें
सर्वे टीम ने मोदीनगर में राज चौराहे एवं मुरादनगर में गंगनहर पुल पर रुककर हाईवे का जायजा लिया। उधर, आला अधिकारियों के हाईवे पर सर्वे के चलते मोदीनगर-मुरादनगर पुलिस की सांसें अटकी रहीं। पुलिस लगातार हाईवे के ट्रैफिक को सुचारु कराती दिखाई दी।