पद्मश्री समेत कई देशी विदेशी सम्मान पाने वाले डॉ. रनदीप गुलेरिया बने एम्स के डायरेक्टर
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दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पल्मोनरी मेडिसिन और स्लिप डिस्ऑर्डर विभाग के प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया को एम्स का निदेशक बनाया गया है।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने डॉ. गुलेरिया के नाम पर शुक्रवार को मुहर लगा दी। डॉ.गुलेरिया 65 वर्ष की उम्र अथवा पांच वर्ष दोनों में जो पहले हो, निदेशक पद पर कार्यरत रहेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का इलाज इन्हीं के नेतृत्व में चल रहा है।
मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले डॉ. रणदीप गुलेरिया ने मेडिकल की पढ़ाई चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रेज्युएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च से पूरी की है। पिछले 23 वर्ष से एम्स में काम कर रहे हैं।
पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन में डॉक्टरेट करने वाले पहले भारतीय हैं
डॉ. गुलेरिया पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन में डॉक्टरेट करने वाले पहले भारतीय हैं। उन्हें वर्ष-2015 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। इसके अलावा वर्ष-2014 में डॉ.बी.सी. रॉय अवार्ड, वर्ष-2011 में हिमाचल गौरव सम्मान के अलावा कई अन्य राष्ट्रीय और विदेशी सम्मान से डॉ. गुलेरिया नवाजे जा चुका है।
एम्स के निदेशक पद के लिए देश भर से कुल 53 वरिष्ठ चिकित्सकों ने आवेदन किया था। निदेशक की तलाश के लिए बनाई गई सर्च कम सेलेक्शन कमेटी ने तीन नाम तय करके अंतिम फैसले के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एसीसी को भेजी थी।
इन तीन नामों में डॉ. गुलेरिया के अलावा एम्स के शिशु रोग विभाग के प्रमुख डॉ.वी.के. पॉल और हृदय रोग विभाग के डॉ. बलराम भार्गव का नाम भेजा गया था। 31 जनवरी को निवर्तमान एम्स निदेशक डॉ.एम.सी. मिश्रा के सेवानिवृत्त होने के बाद से एम्स के सबसे वरिष्ठ प्रो. डॉक्टर बलराम एरॉन को कार्यकारी निदेशक बनाया गया था। डॉ. गुलेरिया के शनिवार को कार्यभार संभालने की उम्मीद है।