फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Ranbir Singh fake encounter case.

रणवीर सिंह फर्जी एनकाउंटर मामले में नया मोड़

Tue, 02 Sep 2014 03:58 AM IST
Updated Tue, 02 Sep 2014 03:58 AM IST
विज्ञापन
Ranbir Singh fake encounter case.

देहरादून में एमबीए छात्र रणवीर सिंह फर्जी एनकाउंटर मामले में आजीवन कारावास की सजा पाए उत्तराखंड के 17 पुलिसकर्मियों में से 14 ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर दी। अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। वहीं, दो वर्ष की सजा पाए दोषी की भी अपील विचाराधीन है।

विज्ञापन


सोमवार को न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट्ट व न्यायमूर्ति विपिन सांघी की खंडपीठ ने सीबीआई को 12 सप्ताह में स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न अपील स्वीकार कर ली जाए।
विज्ञापन


साथ ही अदालत ने सीबीआई को आरोप पत्र के अनुसार सभी की मामले में भूमिका व ट्रायल कोर्ट के निष्कर्ष को पेश करने का निर्देश देते हुए ट्रायल कोर्ट से रिकॉर्ड भी तलब किया है। खंडपीठ ने बचाव पक्ष के उस तर्क को खारिज कर दिया कि अपील के निपटारे तक सजा को निलंबित कर उनके मुवक्किलों को जमानत प्रदान की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


खंडपीठ ने कहा कि ट्रायल के दौरान दोषी जमानत पर थे लेकिन अब उनकी सजा को निलंबित करने का कोई ठोस आधार नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि वे सभी की अपील स्वीकार करते हैं। पील पर सुनवाई यथासंभव जल्द ही शुरू की जाएगी। सभी दोषियों ने अपील में स्वयं को निर्दोष बताते हुए उनको सुनाई गई सजा को रद्द करने का आग्रह किया है।

किसको मिली थी सजा

Ranbir Singh fake encounter case.

तीस हजारी अदालत स्थित न्यायाधीश जेपीएस मलिक ने 9 जून को दिए फैसले में निलंबित इंस्पेक्टर संतोष कुमार जायसवाल, सब इंस्पेक्टर गोपाल दत्त भट्ट, नितिन चौहान, नीरज यादव, चंद्र मोहन सिंह रावत, राजेश बिष्ट व कांस्टेबल अजित सिंह, सतवीर सिंह, सुनील सैनी, चंद्रपाल, सौरभ नौटियाल, नागेंद्र राठी, विकास चंद्रा बालुनी, संजय रावत, मोहन सिंह राणा, इंदर भान सिंह और मनोज कुमार को हत्या व अपहरण के लिए षडयंत्र रचने के आरोप में आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके अलावा अदालत ने 18वें दोषी जसपाल सिंह गोसाई को दोषियों को बचाने के लिए दस्तावेजों से छेड़छाड़ के आरोप में दो वर्ष सजा सुनाई थी।

क्या था मामला
गाजियाबाद के शालीमार गार्डन निवासी एमबीए छात्र रणवीर सिंह अपने दोस्त के साथ 2 जुलाई 2009 को घूमने व नौकरी के लिए साक्षात्कार देने देहरादून गया था। वहां कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ उसकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया । 3 जुलाई 09 को उत्तराखंड पुलिस ने रणवीर को लुटेरा बताकर देहरादून के थाना रायपुर के लाडपुर जंगल में एनकाउंटर में मार गिराने का दावा किया था।

फर्जी एनकाउंटर को लेकर उठे विवाद के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई व बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले को देहरादून से दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था। दूसरी तरफ पुलिस का तर्क था कि तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल 3 जुलाई 2009 को देहरादून में थी इसको लेकर शहर में हाई अलर्ट घोषित था। इसी दौरान रणवीर व उसके साथियों ने लूटपाट की और पुलिसकर्मियों पर हमला भी किया जिस कारण एनकाउंटर किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed