दलित समुदाय पर रामदेव के बयान पर एसीबी तलब, अभद्र टिप्पणी करने का आरोप
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दलित समुदाय पर बाबा रामदेव के विवादित बयान मामले में जांच अधिकारी एसीपी को कोर्ट ने तलब किया है। अदालत ने मामले में स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। इसके जवाब में एसीपी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मामले की जांच लखनऊ पुलिस कर रही है।
इसलिए केस फाइल उप्र पुलिस को भेज दी गई है। योग गुरु बाबा रामदेव पर दलित समुदाय की महिलाओं के लिए अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।मामला लखनऊ का है और थाना महानगर पुलिस इसकी जांच कर रही है।
इस बाबत एक एफआईआर दिल्ली के थाना मधु विहार में दर्ज की गई थी। कड़कड़डूमा जिला अदालत के महानगर दंडाधिकारी प्रांजल अनेजा ने बुधवार को मामले के जांच अधिकारी एसीपी राकेश शर्मा को दो जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।
पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जवाब
अदालत ने इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश थाना मधु विहार पुलिस को छह अप्रैल को दिया था। पुलिस ने इसके जवाब में कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर कहा कि यह मामला लखनऊ के महानगर थाना इलाके का है। लिहाजा इस केस की फाइल जांच के लिए लखनऊ भेज दी गई है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता सत्य प्रकाश गौतम ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि पुलिस किसी केस की जांच ट्रांसफर नहीं कर सकती। पुलिस का काम जांच करना है और केस ट्रांसफर उसके क्षेत्राधिकार में नहीं है।
मधु विहार थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक रामदेव ने लखनऊ में कार्यक्रम में कहा था कि राहुल गांधी दलितों के घर जाकर पिकनिक व हनीमून मनाते हैं लेकिन किसी दलित युवती से शादी नहीं करते।
अगर वह दलित युवती से शादी कर लें तो देश के प्रधानमंत्री बन जाते। शिकायकर्ता एनबी गौतम व अन्य की शिकायत पर मधु विहार थाना पुलिस ने 10 जुलाई, 2014 को एससी-एसटी प्रताड़ना रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।