फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Ram and sita went to forest for 14 years

पिता के आदेश पर 14 वर्ष के लिए वन में गये राम और सीता

Thu, 06 Oct 2016 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Thu, 06 Oct 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
Ram and sita went to forest for 14 years
रामलीला - फोटो : अमर उजाला

श्रीरामलीला कमेटी के कलाकारों द्वारा किए जा रहे प्रभू श्रीरामजी की लीलाओं के मंचन के दौरान रामबनवास की लीला को देखकर लोग भाव विभोर हो गए। 

विज्ञापन


माता कौशल्या के  विलाप को देखकर महिलाओं की आखें नम तो हो ही गई लेकिन पांड़ाल में भी सन्नाटा सा छा गया। महाराजा दशरथ सरे दरबार अपने अग्रज बेटे श्रीरामजी को अयोध्या का भावी राजा बनाने की घोषणा करते हैं। 
विज्ञापन


सभी की रायमुशारी हो जाती है। अयोध्या में मुनादी करवा दी जाती है। लेकिन मंथरा महलों में जाकर रानी कैकई को भड़का देती है। 
कैकई त्रिया चरित्र दिखाने लगती है। राजा के महलों पर आने से पहले ही वह फर्श पर लेट जाती है। महाराजा दशरथ  से दो वरदान मांगती है।

महाराजा दशरथ से वह श्रीराम की सौगंध खाने को कहती हैं। महाराजा दशरथ द्वारा श्रीरामजी की सौगंध खाने के बाद कैकई उनसे दो वचन मांगती है। जिसमें कैकई अपने बेटे भरत को अयोध्या का राजसिंहासन तथा श्रीरामजी को चौदह वर्षों का बनवास मांगती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


श्रीरामजी को वनवास मांगते ही महाराजा दशरथ की हालत बिगड़ जाती है। वन जाने से पहले श्रीरामजी अपनी माता कौशल्या से मिलने जाते हैं और जब उनको बताते हैं कि उनको राज के बदले चौदह वर्षों का वनवास हो गया है तो कौशल्या विलाप करने लगती है और वन जाने की मना करती है। इस दृष्य को देखकर लोग द्रवित हो उठे। मां और बेटे के अथाह प्रेम को देखकर लोग भावुक हो गए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed