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शहादत को नमन: नीलम को पत्नी ने दी आखिरी सलामी...अधूरा रहा वाइफ से किया सिद्धांत का वादा; दूल्हे तरह सजा प्रमोद
Sun, 07 May 2023 01:22 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 07 May 2023 01:22 PM IST
सार
राजोरी जिले की कोटरंका सब डिवीजन के केसरी हिल इलाके में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान दहशतगर्दों की ओर से बिछाई गई आईईडी विस्फोट में जम्मू के ज्यौड़ियां के गांव चक किरपालपुर (दलपत) निवासी नीलम सिंह चिब, दार्जिलिंग के बिजनबाड़ी के पैराट्रपर सिद्धांत छेत्री, चमोली जिले के गैरसैंण ब्लॉक के कुनीगाड़ मल्ली गांव निवासी रुचिन रावत, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव निवासी शहीद प्रमोद नेगी और हिमाचल के कांगड़ा जिले के गांव चट्टियाला के अरविंद कुमार शहीद हो गए।
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शहीद नीलम सिंह को सैल्यूट करतीं उनकी पत्नी बिंदु और बेटी भावना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू जिले के ज्यौड़ियां के गांव चक किरपालपुर (दलपत) निवासी नीलम सिंह चिब नौ पैरा कमांडो में तैनात थे। नीलम सिंह के शहीद होने की खबर पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया।
कोई भी नीलम के शहीद होने की खबर परिजनों को बताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
घर के आसपास लोगों की भीड़ देखकर परिजनों को अनहोनी का डर सताने लगा था। नीलम के शहीद होने की खबर मिलते ही बुजुर्ग पिता, शहीद की पत्नी बिंदु और बच्चे बिलखने लगे। नौ साल की बेटी भावना बार-बार यही कहती रही कि मेरे पापा को वापस लौटा दो, पांच साल के बेटे अखिल ने मुखाग्नि दी। बिंदु ने अंतिम सैल्यूट किया तो सभी रो पड़े।
चक किरपालपुर से चिनाब तक गूंजा शहीद नीलम अमर रहे..., सेना जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद
चक किरपालपुर (दलपत) निवासी शहीद पैरा कमांडो नीलम सिंह का शनिवार को सैन्य सम्मान के साथ चिनाब दरिया स्थित श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव से लेकर चिनाब दरिया तक पूरा इलाका शहीद नीलम सिंह अमर रहे..., सेना जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा।
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क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों ने अंतिम यात्रा में हिस्सा लेकर शहीद बेटे को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। शहीद को मुखाग्नि छोटे भाई अंगत के साथ बेटे अखिल सिंह ने दी। शहीद हवलदार नीलम सिंह के पिता गुरदेव सिंह किसान हैं और दादा करतार सिंह भी सेना में थे। उनके नक्शेकदम पर चलते हुए ही नीलम सेना में भर्ती हुआ था।
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कोई भी नीलम के शहीद होने की खबर परिजनों को बताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
घर के आसपास लोगों की भीड़ देखकर परिजनों को अनहोनी का डर सताने लगा था। नीलम के शहीद होने की खबर मिलते ही बुजुर्ग पिता, शहीद की पत्नी बिंदु और बच्चे बिलखने लगे। नौ साल की बेटी भावना बार-बार यही कहती रही कि मेरे पापा को वापस लौटा दो, पांच साल के बेटे अखिल ने मुखाग्नि दी। बिंदु ने अंतिम सैल्यूट किया तो सभी रो पड़े।
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चक किरपालपुर से चिनाब तक गूंजा शहीद नीलम अमर रहे..., सेना जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद
चक किरपालपुर (दलपत) निवासी शहीद पैरा कमांडो नीलम सिंह का शनिवार को सैन्य सम्मान के साथ चिनाब दरिया स्थित श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव से लेकर चिनाब दरिया तक पूरा इलाका शहीद नीलम सिंह अमर रहे..., सेना जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा।
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क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों ने अंतिम यात्रा में हिस्सा लेकर शहीद बेटे को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। शहीद को मुखाग्नि छोटे भाई अंगत के साथ बेटे अखिल सिंह ने दी। शहीद हवलदार नीलम सिंह के पिता गुरदेव सिंह किसान हैं और दादा करतार सिंह भी सेना में थे। उनके नक्शेकदम पर चलते हुए ही नीलम सेना में भर्ती हुआ था।
अधूरा रह गया पत्नी से किया सिद्धांत का वादा
दार्जिलिंग के बिजनबाड़ी के पैराट्रपर सिद्धांत छेत्री (25) की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। 15 दिन पहले ही ड्यूटी पर वापस लौटे थे। पत्नी से वादा किया था कि जल्द कहीं घूमने जाएंगे। बृहस्पतिवार को ही सिद्धांत ने पत्नी से बात की थी। अगले दिन उनके शहादत की खबर आ गई।
पत्नी ने ही घरवालों को दी रुचिन की शहादत की खबर
आतंकी हमले में शहीद हुए रुचिन रावत की पत्नी ने जब घरवालों को सूचना दी कि अब रुचिन कभी नहीं लौटेंगे, देश के लिए बलिदान हो गए तो घर में कोहराम मच गया। दादा-दादी को तो बताया तक नहीं गया है। चमोली जिले के गैरसैंण ब्लॉक के कुनीगाड़ मल्ली गांव निवासी रुचिन रावत 2009 में सेना में भर्ती हुए थे। रुचिन के शहीद होने की सूचना मिलते ही कुनीगाड़ सहित पूरे गैरसैंण क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है।
दूल्हे तरह सजा माता-पिता ने दी प्रमोद को अंतिम विदाई
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव निवासी शहीद प्रमोद नेगी के पार्थिव शरीर को माता- पिता ने दूल्हे की तरह सजाकर अंतिम विदाई दी। प्रमोद 9 पैरा रेजिमेंट में 2017 में भर्ती हुए थे। मिशन पर जाने से कुछ घंटे पहले प्रमोद ने फोन पर अपनी मां और पिताजी से बात की थी। यह उनकी आखिरी कॉल थी। यही याद कर घरवाले रो रहे हैं।
कड़ी मेहनत से स्पेशल फोर्स में शामिल हो गए थे अरविंद
हिमाचल के कांगड़ा जिले के गांव चट्टियाला के अरविंद कुमार (33) के जम्मू-कश्मीर के राजोरी में शहादत की खबर सुनते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अरविंद 2012 में पंजाब रेजिमेंट में भर्ती हुए थे और महज चंद वर्षों में ही उन्होंने काबीलियत के दम पर स्पेशल फोर्स में अपनी जगह बना ली थी।
आपको बता दें कि राजोरी जिले की कोटरंका सब डिवीजन के केसरी हिल इलाके में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में पांच जवान शहीद हो गए। दरअसल आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर शुक्रवार सुबह से ही मुठभेड़ चल रही थी। सर्च ऑपरेशन के दौरान दहशतगर्दों की ओर से बिछाई गई आईईडी विस्फोट में मेजर समेत छह जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। सुबह ही दो जवानों ने दम तोड़ दिया, जबकि तीन ने उधमपुर कमान अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। आतंकी संगठन पीपुल्स अगेनस्ट फासिस्ट फ्रंट (पीएएफएफ) ने घटना की जिम्मेदारी ली है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान दहशतगर्दों की ओर से बिछाई गई आईईडी विस्फोट में जम्मू जिले के ज्यौड़ियां के गांव चक किरपालपुर (दलपत) निवासी नीलम सिंह चिब, दार्जिलिंग के बिजनबाड़ी के पैराट्रपर सिद्धांत छेत्री, चमोली जिले के गैरसैंण ब्लॉक के कुनीगाड़ मल्ली गांव निवासी रुचिन रावत, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव निवासी शहीद प्रमोद नेगी और हिमाचल के कांगड़ा जिले के गांव चट्टियाला के अरविंद कुमार शहीद हुए हैं।