अपनी कर्मभूमि में गरजे कल्याण सिंह, कहा- राजनीति अब धंधा बन गई है
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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के वर्तमान राज्यपाल कल्याण सिंह ने अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए आज कई चौंका देने वाली बातें कहीं।
जनता को संबोधित करते हुए कल्याण सिंह बोले कि अलीगढ़ मेरी जन्मभूमि है और बुलंदशहर मेरी कर्मभूमि। उन्होंने कहा कि महापुरुष कोई भी हों उन्हें किसी जाति या धर्म के साथ नहीं जोड़ा जा सकता।
इस बीच वो थोड़ा भावुक हो गए और कहा कि फिलहाल मैं एक संवैधानिक पद पर हूं इस कारण राजनीति पर खुल कर नहीं बोल सकता। हालांकि उन्होंने कहा कि राजनीति को लेकर उनके दिल में बहुत आग है।
युवाओं को नशे से मुक्त करना चाहते हैं
नशे के बढ़ रहे प्रचलन और युवओं का इसका शिकार बनने के बारे में उन्होंने कहा कि वो हर गांव को नशा मुक्त बनाना चाहते हैं। आज का युवा नशे के मकड़जाल में फंसा हुआ है और उसे इसके चंगुल से छुड़ाना ही होगा तभी देश का भवष्यि बेहतर बनाया जा सकता है।
हालांकि इस नशे पर अपनी बात कहने के बाद वो एक बार फिर से राजनीति की वर्तमान दिशा पर चर्चा करने लगे। उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए धर्म है लेकिन आज वो धंधा बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि राजनीति का सुधारने की जरूरत है और मैं लोगों में विवेक जागृत करने आया हूं। लोगों को अगर इस राजनीति का शिकार बनने से बचना है तो हमें बांटने की राजनीति से बचना होगा।
'हमने बंटने से बचना होगा'
साथ ही हमें पैसे के लालच में आने से भी बचना होगा। कल्याण सिंह ने लोगों को आगाह किया कि अगर हम वोट को बिकने देंगे तो हमारा भविष्य बर्बाद हो जाएगा।
कल्याण सिहं ने गंगा की हालत पर भी तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि गंगा मैया मैली हो गई हैं अब ये नहाने लायक भी नहीं बची। महिला शिक्षा, युवा शाक्ति, स्वच्छता मिशन, गांवों की सफाई पर बल दिया।
उन्होंने युवाओं को नशा मुक्त, जुआ मुक्त और गंदगी मुक्त गांव बनाने का संकल्प दिलाया। कन्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह, पोते संजू भैया और सांसद भोला सिंह ने भी विचार त्यक्त किए।