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Delhi NCR News: बारिश से भीगा नूंह मंडी का गेहूं, खरीद धीमी और उठान ठप, विपक्ष ने उठाए सवाल
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किसानों की समस्याओं को सुनते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष।
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह अनाज मंडी में इस समय अव्यवस्थाओं और धीमी खरीद प्रक्रिया के चलते किसान परेशान हैं। मंडी में अब तक करीब 88 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन मात्र 22 हजार क्विंटल की ही खरीद हो पाई है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि खरीदी गई फसल का उठान अभी तक नहीं हुआ, जिससे गेहूं मंडी में ही खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। मंगलवार को हुई बारिश ने हालात और खराब कर दिए। मंडी में फसल को ढंकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया, जिसका नुकसान किसानों को झेलना पड़ रहा है। कई जगहों पर गेहूं खुले में पड़ा देखा गया, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों को ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। फसल पंजीकरण के लिए जरूरी मैसेज (ओटीपी) नहीं मिलने से कई किसानों को बिना काम के वापस लौटना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। इसी बीच हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने नूंह और तावडू अनाज मंडियों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों से बातचीत कर खरीद प्रक्रिया में खामियों को उजागर किया और सरकार पर किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।
तावडू मंडी में नमी जांच को लेकर विवाद सामने आया, जहां सरकारी मशीन में 14 प्रतिशत और व्यापारियों की मशीन में करीब 9 प्रतिशत नमी दर्ज की गई। इस अंतर पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी विसंगतियां किसानों को नुकसान पहुंचा रही हैं। वहीं, नूंह मंडी में उन्होंने गेट पास, वाहन पंजीकरण, ओटीपी और बायोमेट्रिक जैसी प्रक्रियाओं को जटिल बताते हुए कहा कि इससे किसानों को अनावश्यक परेशानी हो रही है और एमएसपी पर खरीद भी सुचारू नहीं है। विधायक आफताब अहमद ने भी सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। बेमौसमी बारिश से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है, इसलिए प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाहिद खान ने कहा कि जिलेभर में किसान और व्यापारी इसी तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने भरोसा दिलाया कि वे किसानों के हितों के लिए मजबूती से आवाज उठाते रहेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह अनाज मंडी में इस समय अव्यवस्थाओं और धीमी खरीद प्रक्रिया के चलते किसान परेशान हैं। मंडी में अब तक करीब 88 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन मात्र 22 हजार क्विंटल की ही खरीद हो पाई है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि खरीदी गई फसल का उठान अभी तक नहीं हुआ, जिससे गेहूं मंडी में ही खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। मंगलवार को हुई बारिश ने हालात और खराब कर दिए। मंडी में फसल को ढंकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया, जिसका नुकसान किसानों को झेलना पड़ रहा है। कई जगहों पर गेहूं खुले में पड़ा देखा गया, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों को ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। फसल पंजीकरण के लिए जरूरी मैसेज (ओटीपी) नहीं मिलने से कई किसानों को बिना काम के वापस लौटना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। इसी बीच हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने नूंह और तावडू अनाज मंडियों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों से बातचीत कर खरीद प्रक्रिया में खामियों को उजागर किया और सरकार पर किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।
तावडू मंडी में नमी जांच को लेकर विवाद सामने आया, जहां सरकारी मशीन में 14 प्रतिशत और व्यापारियों की मशीन में करीब 9 प्रतिशत नमी दर्ज की गई। इस अंतर पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी विसंगतियां किसानों को नुकसान पहुंचा रही हैं। वहीं, नूंह मंडी में उन्होंने गेट पास, वाहन पंजीकरण, ओटीपी और बायोमेट्रिक जैसी प्रक्रियाओं को जटिल बताते हुए कहा कि इससे किसानों को अनावश्यक परेशानी हो रही है और एमएसपी पर खरीद भी सुचारू नहीं है। विधायक आफताब अहमद ने भी सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। बेमौसमी बारिश से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है, इसलिए प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाहिद खान ने कहा कि जिलेभर में किसान और व्यापारी इसी तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने भरोसा दिलाया कि वे किसानों के हितों के लिए मजबूती से आवाज उठाते रहेंगे।
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