बारिश और बर्फबारी से उत्तर भारत बेहाल, हिमाचल में 200 सड़कें बंद, दिल्ली में लगा जाम
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हिमाचल के शिमला, कुल्लू मनाली, चंबा, किन्नौर, मंडी सहित हिमाचल के कई इलाकों में भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। नेशनल हाईवे सहित 200 छोटी बड़ी सडक़ें बंद हैं। कई इलाकों में बिजली-पानी का संकट भी खड़ा हो गया है।
दिल्ली एनसीआर में बारिश के बाद प्रदूषण के ग्राफ में भी कमी आई है। मौसम विभाग की मानें तो 24 जनवरी तक तेज हवा व गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। बारिश के बाद भी सोमवार को न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक है। जबकि अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस अधिक है।
तेज हवाओं की वजह से लोगों को सर्दी का फिर से एहसास होने लगा। मौसम विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक इस बार पश्चिमी विक्षोभ के मजबूत होने के कारण अच्छी बारिश की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते हवा की दिशा में भी बदलाव हुआ है। पहले हवा की दिशा उत्तर-पश्चिमी दिशा की ओर से थी। ठंडी हवा के पीछे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का असर था। अचानक हुए बदलाव के कारण बारिश और फिर तेज हवाओं ने सर्दी का एहसास करा दिया।
बारिश से गिरा प्रदूषण का स्तर
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि बारिश की वजह से प्रदूषण के बादल काफी हद तक छंटे हैं। सोमवार दोपहर बाद चली तेज हवाओं और बारिश की वजह से मंगलवार को प्रदूषण का ग्राफ और नीचे गिरेगा। वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 प्रति क्यूबिक मीटर नीचे आने की संभावना है। मौसम के हिसाब से इस सप्ताह लोगों को सांस लेने के लिए साफ-सुथरी हवा मिलेगी।
घाटी का देश से संपर्क कटा, हवाई सेवाओं पर मार
मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार मंगलवार को भी बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। इसमें जम्मू संभाग के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से खराब मौसम के कारण चार उड़ानें रद करनी पड़ी, जबकि 11 देरी से चली। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में बारिश के साथ घाटी के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हुई।
कठुआ जिले में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। डुग्गन, छत्रगलां, सरथल, रोल्पा, डोल्पा, भंडार आदि इलाकों में दूसरे दिन बर्फबारी हुई। राजोरी और पुंछ जिले में पीरपंजाल व अन्य पर्वतीय इलाकों में सफेद चादर बिछी। मुगलरोड पर भी बर्फबारी हुई है। यहां पहले ही बर्फ पूरी तरह से हटाई नहीं गई थी। जम्मू में बारिश से पारे में गिरावट आई है। लेकिन रात के न्यूनतम तापमान में सामान्य से बढ़ोतरी हुई है।
स्थान न्यूनतम तापमान
कारगिल माइनस 14.0
लेह माइनस 5.6
गुलमर्ग माइनस 4.0
पहलगाम माइनस 1.7
श्रीनगर माइनस 0.3
चेतावनी के बीच पहाड़ों पर भारी बर्फबारी, मैदानों में बारिश
कई इलाकों में पारा शून्य से नीचे चला गया है। उधर, मौसम विभाग ने मंगलवार को भी मैदानों में बारिश और मध्य एवं उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। प्रदेश भर में 25 जनवरी तक बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर कुल्लू, लाहौल, चंबा और किन्नौर में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। लाहौल में हिमखंड गिरने की भी आशंका है। कुल्लू में अलर्ट के चलते प्रशासन ने पर्यटकों को संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है। एचआरटीसी ने भी खतरे वाले रूटों पर बस सेवा को बंद कर दिया है।
सोमवार को रोहतांग दर्रे पर 60 सेंटीमीटर तक हिमपात रिकॉर्ड किया गया है। चंबा के भरमौर-पांगी की चोटियों में रविवार रात हल्की बर्फबारी हुई। कुल्लू, मंडी, किन्नौर, कांगड़ा के पर्वतीय क्षेत्रों में भी बर्फबारी हो रही है। सूबे के किसान- बागवान अच्छी बारिश और बर्फबारी की आस लगाए बैठे हैं। ठीक बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश के कई क्षेत्रों में खेतों में गेहूं पीली पड़ गई है।
कहां कितनी बर्फबारी
रोहतांग 60 सेमी
कोकसर 35 सेमी
केलांग 15 सेमी
कल्पा 05 सेमी
न्यूनतम तापमान
केलांग -3.2
कल्पा -1.2
मनाली 1.6
डलहौजी 2.2
कुफरी 3.1
धर्मशाला 5.2
शिमला 6.9
बदला मौसम, चारों धामों में हिमपात केदारनाथ में पांच घंटे तक हुई बर्फबारी
पहाड़ में सोमवार को मौसम ने फिर करवट ली है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है। केदारनाथ में सोमवार शाम पांच घंटे तक हिमपात हुआ है। धाम में करीब चार इंच तक नई बर्फ जम चुकी है।
धाम में अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम माइनस चार डिग्री दर्ज किया गया। हर दूसरे-तीसरे दिन मौसम खराब होने से पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ सहित चंद्रशिला सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हिमपात हुआ है।
उत्तरकाशी जिले में सोमवार देर शाम गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित सभी ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ है। बर्फबारी से गंगोत्री हाईवे पर धराली और यमुनोत्री हाईवे पर हनुमान चट्टी से आगे यातायात जोखिम भरा हो गया है।
हालांकि मौके पर मौजूद बीआरओ व एनएच के कर्मचारी लगातार हाईवे से बर्फ हटाकर यातायात सुचारु करने में लगे हुए हैं। उधर ताजा बर्फबारी से खरसाली, हर्षिल आदि ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य के करीब पहुंचने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। जिला मुख्यालय सहित निचले इलाकों में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
चमोली जिले में बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, नंदा घुंघटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। निचले क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से कोरी ठंड पड़ रही है। लोग दिनभर अपने घरों में ही दुबके रहे।