{"_id":"62d88a8d4c148e76544c3dff","slug":"railways-honors-freedom-fighters-on-the-occasion-of-azadi-ka-amrit-mahotsav","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azadi Ka Amrit Mahotsav: स्वतंत्रता सेनानी ने अगस्त क्रांति को झंडी दिखा किया रवाना, रेलवे ने दिया सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azadi Ka Amrit Mahotsav: स्वतंत्रता सेनानी ने अगस्त क्रांति को झंडी दिखा किया रवाना, रेलवे ने दिया सम्मान
Thu, 21 Jul 2022 05:10 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Thu, 21 Jul 2022 05:10 AM IST
सार
इंडियन नेशनल आर्मी के सदस्य रहे डॉ. बीएन पांडेय और स्वतंत्रता सेनानी कृष्ण लाल की पत्नी कमला देवी ने हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से अगस्त क्रांति (12954) राजधानी एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया।
विज्ञापन
स्वतंत्रता सेनानी ने अगस्त क्रांति को झंडी दिखा किया रवाना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर रेलवे ने स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान दिया है। निजामुद्दीन-मुंबई के बीच चलने वाली अगस्त क्रांति एक्सप्रेस को आजादी के संघर्ष में शामिल सेनानी डॉ. बीएन पांडेय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
विज्ञापन
दरअसल, आजादी के 75वें साल में इस वक्त पूरा देश 'आजादी का अमृत महोत्सव' मना रहा है। रेलवे की तरफ से भी 23 जुलाई तक कार्यक्रम होंगे। बुधवार को इस कड़ी में इंडियन नेशनल आर्मी के सदस्य रहे डॉ. बीएन पांडेय और स्वतंत्रता सेनानी कृष्ण लाल की पत्नी कमला देवी ने हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से अगस्त क्रांति (12954) राजधानी एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया।
विज्ञापन
इस मौके पर बीएन पांडेय ने रेलवे की इस पहल पर संतोष जाहिर किया और आजादी के आंदोलन को याद किया। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी द्वारा 'भारत छोड़ो आंदोलन' की नींव रखीं थी। अंग्रेजों को भारत छोड़ने और करो या मरो का नारा दिया था। इसने पूरे देश को आंदोलन के लिए प्रेरित किया। देश की आजादी में सुभाष चंद्र बोस की भी अहम भूमिका रही।
विज्ञापन
इस मौके पर दिल्ली रेल मंडल प्रबंधक डिंपी गर्ग ने कहा कि महात्मा गांधी को पुणे के आगा खान पैलेस में कैद कर लिया गया था और सभी वरिष्ठ नेता गिरफ्तार हो गए थे। देश को आजादी मिलने के बाद से 8 अगस्त को 'अगस्त क्रांति दिवस' के रूप में जाना जाता है। मुंबई में जहां से यह आंदोलन शुरू किया हुआ था उसे अब अगस्त क्रांति मैदान के रूप में जाना जाता है। इसी महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन और स्थान के सम्मान में मुंबई और दिल्ली के बीच अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस रेलवे द्वारा चलाई जा रही है।