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अपने लहू से दूसरों का जीवन 'सींच' रहे हैं राहुल सोलपुलकर
Sat, 15 Aug 2020 06:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 15 Aug 2020 06:08 AM IST
सार
- एम्स में लगाया गए रक्तदान शिविर में राहुल ने बढ़ाया रक्तदाताओं का उत्साह
- 1977 से लगातार रक्तदान कर रहे हैं, अब तक 164 बार कर चुके हैं दान
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राहुल सोलपुलकर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मानव जीवन की रक्षा के लिए हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है कि लोगों की मदद करें। यह काम सब अलग -अलग प्रकार से करते हैं। ऐसे ही एक व्यक्ति हैं राहुल सोलपुलकर जिन्होंने अपने जीवन में अब तक 164 बार रक्तदान किया है और कई लोगों की जिंदगियां बचाई है।
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दिल्ली के जनकपुरी निवासी राहुल सोलपुलकर(61)फेडरेशन ऑफ बल्ड डोनर ऑफ इंडिया संस्था के सचिव हैं। वह अभी तक अपने जीवन में 164 बार रक्तदान कर चुके हैं।
वह पिछले 43 सालों से लगातार रक्तदान कर रहे और एकदम स्वस्थ हैं। वह शुक्रवार को एम्स के ब्लड डोनेशन के कार्यक्रम में पहुंचे थे। जहां उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों को आगे भी बड़ी संख्या में रक्तदान करने कि अपील की।
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राहुल ने बताया कि वह दिल्ली के ही मूल निवासी हैं। उन्होंने 18 साल की उम्र से ही रक्तदान करना शुरू कर दिया था। एनसीसी में रहते हुए पहली बार उन्होंने सन 1977 में इंडिया गेट पर लगे शिविर में रक्तदान किया था। उनके कमांडिंग अफसर ने इस काम के लिए उनको प्रेरित किया था।
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इसके बाद वह रेड क्रॉस सोसाइटी से वॉलंटियर के रूप में जुड़े गए थे और रक्तदान करना उनकी आदत में सुमार हो गया। पिछले 43 सालों से यह सिलसिला जारी है। उन्होंने कहा कि अभी 28 जुलाई को ही उन्होंने रेड क्रास सोसाइटी के बल्ड बैंक में रक्तदान किया था।
इसलिए एम्स के शिविर में बल्ड नहीं दे सके। राहुल बताते हैं कि रक्तदान करने से उन्हें खुशी मिलती है और वे स्वस्थ रहते हैं। उनकी कोशिश है कि 65 साल की उम्र तक वे ऐसे ही इस कार्य को करते रहें।