गुपचुप तरीके से दादरी पहुंचे राहुल, नोटबंदी पर केंद्र सरकार को घेरा
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने मंडी में किसानों व व्यापारियों से नोटबंदी पर की बात
कहा, मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले ने पूरे हिंदुस्तान को चोट पहुंचाई
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विस्तार
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अचानक मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे दादरी पहुंच गए। दादरी मंडी में किसानों और व्यापारियों से उन्होंने नोटबंदी को लेकर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों और व्यापारियों को कैश से लेस कर दिया है।
किसान खेती छोड़कर व व्यापारी बिजनेस छोड़कर लाइन में खड़े हैं। मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले ने पूरे हिंदुस्तान को चोट पहुंचाई है। राहुल ने कहा कि मोदी सरकार के कैशलेस की व्यवस्था से किसानों और व्यापारियों का पैसा कटकर अलग खातों में चला जाएगा। किसी को पता भी नहीं चलेगा।
भाजपा सरकार सिर्फ गिने-चुने उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी है। नोटबंदी के बावजूद काला धन रखने वालों का सरकार कुछ नहीं बिगाड़ सकी। उल्टे गरीबों को सड़क पर खड़ा कर दिया गया है। गरीब लोग दिनभर बैंकों की लाइन में लगे रहते हैं और धन कुबेर बैंकों से साठगांठ कर पीछे के दरवाजे से नोट बदलने में जुटे हैं।
उन्होंने तंज कसा कि मोदी ने नोटबंदी को आतंकवादियों के खिलाफ कदम बताया जबकि नोटबंदी के बाद मारे गए आतंकवादी के पास से नए नोट मिले हैं। नए नोट आतंकवादी तक कैसे पहुंचे, यह किसी से छिपा नहीं है। मोदी सिर्फ 50 परिवारों के लिए सरकार चला रहे है।
उन्हें गरीब जनता से कोई लेना-देना नहीं है। अमीरों के साथ हाथ मिलाकर गरीबों को परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस गरीबों को परेशान नहीं होने देगी। अब देश को बचाने के लिए हर नागरिक को एकजुट होना चाहिए।
‘नोटबंदी से बहुत परेशानी हो रही है साहब’
‘नोटबंदी से बहुत परेशानी हो रही है साहब’
राहुल गांधी को अचानक से दादरी मंडी में देखकर कुछ देर तक सभी भौचक्के रह गए। थोड़ी देर में व्यापारियों की भीड़ जुट गई। राहुल ने जब किसानों और व्यापारियों से पूछा कि नोटबंदी से क्या परेशानी हो रही है तो वहां मौजूद किसान और व्यापारी एक सुर में बोल उठे कि बहुत परेशानी हो रही है साहब।
खेती और व्यापार करना मुश्किल हो गया है। इसके बाद वे अच्छेजा में ग्रामीण राममूर्ति के घर पहुंचे। राहुल को सामने देखकर वे हैरान रह गए। वहां भी राहुल ने नोटबंदी पर सवाल किया। थोड़ी देर में महिलाएं जुट गईं। उनसे बातचीत की। जीटी रोड पर स्थित ताऊ के ढाबे में चाय पी और कंटेनर डिपो के पास रुके। वहां से मूंगफली ली। मूंगफली बेचने वाले से दो मिनट बात की। करीब 12 बजे वापस लौट गए।
बेहद गोपनीय रहा दौरा
राहुल गांधी का दौरा बेहद गोपनीय रहा। वे सुबह करीब 10:30 बजे परी चौक, तिलपता मोड़, रूपवास गांव होते हुए दादरी मंडी पहुंच गए। इसकी भनक कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को भी नहीं मिली। प्रशासन के लोग भी अनजान रहे। राहुल के आने की सूचना स्थानीय पुलिस को भी मंडी पहुंचने के बाद मिली।
वहां के चौकी इंचार्ज पहुंच गए। राहुल के दौरे की सूचना सिर्फ वरिष्ठ कांग्रेसी नेता वीरेंद्र सिंह गुड्डू को दी गई। उनसे परी चौक पर मिलने को कहा गया। वहीं से वे राहुल गांधी के साथ हो लिए। सूचना फैलते ही तमाम नेता गाड़ी लेकर भागे, लेकिन जब तक वे पहुंचते राहुल वापस हो लिए। आते समय उनके काफिले में सिर्फ तीन गाड़ियां थीं, लेकिन लौटते समय कांग्रेसी नेताओं की गाड़ियां भी पीछे लग गईं, जिससे काफिला बढ़ गया।
दो दिन पहले टीम कर गई थी सर्वे
सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी के आने से दो दिन पूर्व ही एक टीम आई थी जो सर्वे करके गई थी। दरअसल, केंद्र सरकार ने कुछ दिन पहले ही किसानों को कैशलेस बनाने के लिए मशीन व मोबाइल बैंक की शुरुआत यहीं से की थी। कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और रेलमंत्री सुरेश प्रभु दादरी आए थे। इसी वजह से राहुल गांधी ने भी दादरी मंडी को चुना।