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जेएनयू चुनाव: निर्दलीय उम्मीदवार राघवेंद्र मिश्रा की उम्मीदवारी रद्द, ये है आरोप
Fri, 30 Aug 2019 10:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 30 Aug 2019 10:42 AM IST
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जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के निर्दलीय उम्मीदवार राघवेंद्र नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में अध्यक्ष पद के निर्दलीय उम्मीदवार राघवेंद्र मिश्रा की उम्मीदवारी को लेकर नया मोड़ आ गया है। जेएनयू की ग्रीवांस रिड्रेसल सेल ने चुनाव समिति को उनकी उम्मीदवारी रद्द करने के लिए पत्र भेजा है।
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सेल के अध्यक्ष प्रो. उमेश अशोक कदम की ओर से पत्र में कहा गया है कि सेल को जानकारी मिली है कि चीफ प्रॉक्टर की ओर से उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत प्रॉक्टोरियल कमेटी ने बीती 7 अगस्त को 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। यह जुर्माना उन्हें 17 अगस्त तक जमा कराने को कहा गया था।
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बृहस्पतिवार को भेजे गए पत्र के अनुसार, इन सब बातों के कारण ही सेल ने राघवेंद्र मिश्रा की उम्मीदवारी रद्द करने का फैसला किया है। सेल ने चुनाव समिति को इसका पालन करने का निर्देश दिया है। राघवेंद्र मिश्रा ने कहा कि उमेश कदम की ओर से एक नोटिस भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ सकता है। मेरे ऊपर जुर्माना होने की बात कही गई है।
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उन्होंने कहा कि मुझसे पहले कुछ अन्य छात्रों पर भी जुर्माना था, लेकिन पिछले साल उन्हें चुनाव लड़ने दिया गया। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनके साथ यह साजिश के तहत किया जा रहा है। जेएनयू में 6 सितंबर को होने वाले चुनाव के लिए अध्यक्ष पद पर पांच उम्मीदवारों के बीच टक्कर है।
मालूम हो कि राघवेंद्र जेएनयू में योगी के नाम से प्रसिद्ध हैं। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि प्रशासन इतना डर गया है कि एक दिव्यांग स्टूडेंट को एक किसान के बेटे को, एक गरीब घर से आने वाले छात्र को चुनाव नहीं लड़ने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई उम्मीदवारों के खिलाफ प्रॉक्टर जांच चल रही है।