डीयू में रैगिंग: सिर फोड़ा, कपड़े उतरवाने की कोशिश!
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दिल्ली विवि में नया सत्र शुरू होते ही दो अलग-अलग कॉलेजों में छात्रों बीच लड़ाई-झगड़े की बात सामने आई है। सत्यवती कॉलेज ईवनिंग कॉलेज में जहां फ्रेशर्स का सिर फोड़े जाने की घटना है वहीं श्यामलाल कॉलेज में दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ।
जिसे बाद में आपसी रजामंदी से सुलझा लिया गया। दोनों ही मामलों को रैगिंग की घटनाओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि कॉलेज प्रशासन का कहना है कि लड़ाई झगड़े को ही रैगिंग का नाम दिया जा रहा है। सत्यवती कॉलेज प्रशासन ने मामले को जांच कमेटी के पास भेज दिया है वहीं श्यामलाल कॉलेज प्रशासन किसी प्रकार की घटना होने से इंकार कर रहा है।
कॉलेज में सरेआम पीटा
बीते मंगलवार सत्यवती ईवनिंग कॉलेज में बीए प्रोग्राम प्रथम वर्ष के एक छात्र को कुछ छात्रों ने कॉलेज परिसर में ही पीट दिया। जिसके कारण छात्र के सिर में चोटें आई।
बताया जा रहा है कि छात्रों का एक समूह छात्र के साथ रैगिंग करने का प्रयास कर रहा था लेकिन पीड़ित छात्र के मना करने पर उसको पीटा गया। जहां से उसे सुंदर लाल जैन अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। सोनीपत निवासी पीड़ित छात्र ने बताया कि दूसरे दिन ही उनके साथ मारपीट हुई।
उन्होंने बताया कि उन्हें यह नहीं पता कि मारपीट करने वाले छात्र कौन हैं। इस मामले पर कॉलेज प्रिंसिपल डॉ सत्येंद्र कुमार जोशी ने मारपीट के मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि मंगलवार को एक छात्र की पिटाई की गई। उन्होंने कहा कि यह पता नहीं चल सका है कि मारपीट करने वाले कौन थे। पुलिस को रिपोर्ट कर दी गई है।
यह घटना रैगिंग की है या नहीं इसके लिए इस मामले को कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दिया गया है। जांच समिति की रिपोर्ट केबाद ही सही मामले का पता चल सकेगा।
'अश्लील गाने गवाए और कपड़े उतारने को कहा'
वहीं श्यामलाल कॉलेज मामले में दो अलग-अलग बातें सामने आ रही है। जहां दो गुटों में मारपीट व झगड़े की बात सामने आ रही है वहीं कॉलेज के ही एक छात्र का आरोप है कि पीड़ित छात्रों से अश्लील गाने गवाने का प्रयास किया गया वहीं उन्हें अपने कपड़े उतारने को कहा गया। जब उन्होंने मना किया तो उनके साथ झगड़ा किया गया।
बताया जा रहा है कि बाद में दोनों गुटों में आपसी रजामंदी से मामला सुलझा लिया गया। इस मामले पर कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. अलका शर्मा ने कॉलेज में किसी भी प्रकार की घटना के होने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि रैगिंग तो दूर की बात है किसी प्रकार की घटना नहीं हुई। बेकार में ही अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
वहीं कॉलेज में कहा जाता रहा कि लड़ाई झगड़े को ही रैगिंग का नाम दिया जा रहा है। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। इन मामलों पर एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री रोहित चहल ने कहा कि कॉलेज में ऐसी घटनाएं निदंनीय है। अगर यह रैगिंग के मामले है तो इन पर कार्रवाई होनी चाहिए।