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Delhi NCR News: गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून पर उठे सवाल
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- सिखों को गुमराह कर रही पंजाब सरकार : बीबी रंजीत कौर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी की वरिष्ठ सदस्य और जीटीबीआईटी की चेयरमैन बीबी रंजीत कौर ने प्रस्तावित “गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन कानून 2026” को लेकर पंजाब सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक भावनाओं के नाम पर सिख समुदाय को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। बीबी रंजीत कौर ने कहा कि कानून में “बेअदबी” की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है, जिससे भविष्य में इसके दुरुपयोग की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सख्त सजा का प्रावधान तो बताया है, लेकिन जांच प्रक्रिया और दोषियों को सजा दिलाने की व्यवस्था स्पष्ट नहीं की गई। उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन पुराने बेअदबी मामलों के आरोपी आज तक गिरफ्तार नहीं हुए, उन पर कार्रवाई करने के बजाय नया कानून लाया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है, तो पहले लंबित मामलों में दोषियों को सजा दिलानी चाहिए। बीबी रंजीत कौर ने यह भी आरोप लगाया कि कानून तैयार करने से पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी और अन्य पंथक संगठनों से सलाह नहीं ली गई। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून की खामियां दूर नहीं की गईं तो पंथक संगठन बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी की वरिष्ठ सदस्य और जीटीबीआईटी की चेयरमैन बीबी रंजीत कौर ने प्रस्तावित “गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन कानून 2026” को लेकर पंजाब सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक भावनाओं के नाम पर सिख समुदाय को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। बीबी रंजीत कौर ने कहा कि कानून में “बेअदबी” की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है, जिससे भविष्य में इसके दुरुपयोग की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सख्त सजा का प्रावधान तो बताया है, लेकिन जांच प्रक्रिया और दोषियों को सजा दिलाने की व्यवस्था स्पष्ट नहीं की गई। उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन पुराने बेअदबी मामलों के आरोपी आज तक गिरफ्तार नहीं हुए, उन पर कार्रवाई करने के बजाय नया कानून लाया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है, तो पहले लंबित मामलों में दोषियों को सजा दिलानी चाहिए। बीबी रंजीत कौर ने यह भी आरोप लगाया कि कानून तैयार करने से पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी और अन्य पंथक संगठनों से सलाह नहीं ली गई। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून की खामियां दूर नहीं की गईं तो पंथक संगठन बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।