जुनैद हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, आखिर कौन थे CCTV में कैद बाइक सवार?
जुनैद हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया। अब लोगों के मन में एक सवाल यह उठ रहा है कि मुख्य आरोपी के अलावा वो तीन युवक कौन हैं, जो उस दिन मोटरसाइकिल पर असावटी स्टेशन से फरार हुए थे। सवाल यह भी उठ रहा है कि तीन दिन पहले पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए दो युवक कहां हैं?
सवाल अब यह भी उठने लगे हैं कि कहीं पुलिस किसी राजनीतिक दबाव में तो काम नहीं कर रही। सूत्रों के मुताबिक जिन दो युवकों को पिछले दिनों हिरासत में लिए जाने की चर्चा थी, उनमें से एक को किसी बड़े नेता का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि, पुलिस की जांच शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रही है। पुलिस ने सबसे पहले कैलाश नगर निवासी रमेश को इस मामले में पकड़ा था, जो फिलहाल जेल में है।
जुनैद पर चाकुओं से वार करने की बात कहने वाले इस आरोपी की दिमागी हालत ठीक न का होने का हवाला परिजन भी देते रहे और बाद में पुलिस ने भी इसके बयानों को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद पलवल के खांबी गांव से चार आरोपियों को पकड़ा गया। इनमें से एक ने ईएमयू में सीट को लेकर झगड़े की बात कबूली थी लेकिन मुख्य आरोपी को न जानने का हवाला भी दिया था।
पकड़े गए आरोपियों में से कोई भी सीसीटीवी में दिख रहा संदिग्ध नहीं
पुलिस की जांच में सीसीटीवी में कैद हुए बाइक सवार तीन संदिग्ध शुरू से ही शक के दायरे में थे। बताया जा रहा है कि इनमें से दो को पुलिस ने हिरासत में लिया था। जिस आरोपी को महाराष्ट्र से पकड़े जाने का दावा पुलिस कर रही है वो कहीं बाइक पर सवार तीसरा शख्स तो नहीं। उधर, गांव खांबी के लोगों ने पकड़े गए चार आरोपियों के पक्ष में 11 जुलाई पंचायत करने का फैसला लिया है।
मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान हाजी युनूस अहमद ने कहा कि इस मामले में अभी भी बहुत कुछ छुपा रही है। इस मामले में राजनैतिक दबाव के चलते जो हिंदू-मुस्लिम भाईचारा खराब हो रहा है, उसे समाज के लोग नहीं होने देंगे। पुलिस को निष्पक्षता से कार्य करनी चाहिए।